अपनी ही गलती का भुगत रहा हूं नतीजा, मुंबई के ट्रैफिक पर नितिन गडकरी ने क्यों कहा ऐसा?

Nitin Gadkari Over Mumbai Traffic: मुंबई में ट्रैफिक जाम में करीब एक घंटे फंसे नितिन गडकरी ने पुराने फ्लाईओवर बदलने की जरूरत बताई। उन्होंने मल्टीलेवल फ्लाईओवर तकनीक का सुझाव दिया
Nitin Gadkari Stuck In Mumbai Traffic Suggests Modern Flyovers
नितिन गडकरी (मंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग)(सोर्सः एआई)
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Nitin Gadkari Suggests Modern Flyovers: मुंबई की सड़कों पर बढ़ता ट्रैफिक अब सिर्फ आम लोगों की परेशानी नहीं रह गया है। 12 सितंबर को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मुंबई के भारी ट्रैफिक में करीब एक घंटे तक फंसे रहे। गडकरी वर्ली से 22वें इंडो-अमेरिकन कॉर्पोरेट एक्सीलेंस अवार्ड्स कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे।

कार्यक्रम में उन्होंने अपने ट्रैफिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें होटल तक पहुंचने में सामान्य से करीब एक घंटा ज्यादा समय लगा। गडकरी के मुताबिक, शहर में बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या और आसपास के इलाकों से रोजाना होने वाली आवाजाही ने सड़कों पर दबाव काफी बढ़ा दिया है।

अबतक 55 फ्लाईओवर बनाएं है

गडकरी ने महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री के तौर पर 1995 से 2000 के बीच किए गए अपने कामों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्हें 55 फ्लाईओवर, बांद्रा-वर्ली सी लिंक और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिला था।

हालांकि, उन्होंने माना कि उस समय उपलब्ध निर्माण तकनीक आज की जरूरतों के मुकाबले सीमित थी। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मौजूदा फ्लाईओवरों को आधुनिक तकनीक वाले स्ट्रक्चर से बदलने की सलाह दी है। उनका कहना है कि भारत ने मलेशिया से ऐसी तकनीक हासिल की है, जिसके जरिए एक ही पिलर सेट पर कई स्तरों वाले फ्लाईओवर बनाए जा सकते हैं।

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शहरों की ट्रैफिक समस्या का समाधान

गडकरी के मुताबिक, मल्टीलेवल फ्लाईओवर जैसी तकनीक घनी आबादी वाले शहरों में सीमित जगह का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद कर सकती है। मुंबई में ट्रैफिक की समस्या केवल वाहनों की संख्या बढ़ने से नहीं, बल्कि दशकों पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर और मौजूदा यातायात जरूरतों के बीच बढ़ते अंतर से भी जुड़ी है।

साउथ मुंबई, पश्चिमी उपनगरों, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के बीच रोजाना होने वाली भारी आवाजाही से प्रमुख सड़कों और जंक्शनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी दिशा में नितिन गडकरी ने पुणे के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोग्राम का प्रस्ताव भी दिया है।

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