

Mumbai GMLR Project: मुंबई की सड़कों पर अब ट्रैफिक का ब्रेक धीरे-धीरे खत्म होने वाला है। शहर की लाइफ लाइन माने जा रहे गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड यानी जीएमएलआर का पहला हाई स्पीड फ्लाईओवर अब लगभग तैयार हो चुका है। 1।2 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है और इसके शुरू होते ही दिंडोशी कोर्ट से फिल्म सिटी तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा।
मानसून से पहले इस कॉरिडोर को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस नए मार्ग के खुलने से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर वाहनों का दबाव कम होगा, जबकि पूर्व और पश्चिम मुंबई के बीच कनेक्टिविटी को भी बड़ी मजबूती मिलेगी।
बता दें कि गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड कुल 12.2 किलोमीटर लंबा होगा। मुंबई के पूर्व और पश्चिम हिस्सों को जोड़ने के लिए यह कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। इसमें अंडरग्राउंड टनल, फ्लाईओवर और इंटरचेंज शामिल होंगे। इस मार्ग के शुरू होने के बाद पूर्व और पश्चिम मुंबई के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी।
फिलहाल, फ्लाईओवर के पहले चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। पश्चिम उपनगर के पहले चरण की शुरुआत दिंडोशी कोर्ट के पास से होगी। यह फ्लाईओवर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पास समाप्त होगा। वहां से वाहन चालक पूर्व उपनगर को जोड़ने वाले मार्गों तक पहुंच सकेंगे।
मुंबई में पहले से मौजूद सांताक्रूज चेंबूर लिंक रोड, अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड और जोगेश्वरी विक्रोली लिंक रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए ही गोरेगाव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना शुरू की गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसे चार चरणों में विकसित किया जाएगा।
जीएमएलआर परियोजना की कुल लागत लगभग 14,000 करोड़ रुपए बताई जा रही है, जबकि फ्लाईओवर के निर्माण पर करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस पूरे प्रोजेक्ट को वर्ष 2028 तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है
मनपा अधिकारियों के मुताबिक इस छह लेन वाले फ्लाईओवर पर एक ऊंचा प्लेटफॉर्म और एलिवेटेड रोटरी बनाई जाएगी। इसके अलावा पुल के दोनों और डेक स्लैब और पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ भी तैयार किए जाएंगे। फ्लाईओवर का निर्माण फिलहाल अंतिम चरण में है और सड़क पर रंगाई, डामरीकरण, सिग्नल तथा दिशा सूचक बोर्ड लगाने जैसे काम जारी है। प्रशासन का लक्ष्य मई के अंत तक या जून की शुरुआत में इस फ्लाईओवर को यातायात के लिए खोलने का है। वहीं, इस मार्ग के शुरू होने से पश्चिम एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद है।
वर्ष 2027 तक जीएमएलआर की ट्विन टनल का काम पूरा किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद वाहनों को सीधे फ्लाईओवर से सुरंगों में प्रवेश मिलेगा, जिससे मुंबईकरों का सफर अधिक आसान और तेज हो जाएगा।