मुंबई को ट्रैफिक से मिलेगी राहत: गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का पहला फ्लाईओवर तैयार, जून तक शुरू होने की उम्मीद

Goregaon Mulund Link Road Update: गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) का 1.2 किमी लंबा पहला फ्लाईओवर बनकर तैयार है। जून तक इसके शुरू होने से दिंडोशी और फिल्म सिटी के बीच ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
The first 1.2 km high-speed flyover of the Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) is nearing completion. Expected to open by June, it will ease traffic between Dindoshi and Film City.
मुंबई फ्लाईओवर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mumbai GMLR Project: मुंबई की सड़कों पर अब ट्रैफिक का ब्रेक धीरे-धीरे खत्म होने वाला है। शहर की लाइफ लाइन माने जा रहे गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड यानी जीएमएलआर का पहला हाई स्पीड फ्लाईओवर अब लगभग तैयार हो चुका है। 1।2 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है और इसके शुरू होते ही दिंडोशी कोर्ट से फिल्म सिटी तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा।

मानसून से पहले इस कॉरिडोर को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस नए मार्ग के खुलने से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर वाहनों का दबाव कम होगा, जबकि पूर्व और पश्चिम मुंबई के बीच कनेक्टिविटी को भी बड़ी मजबूती मिलेगी।

बता दें कि गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड कुल 12.2 किलोमीटर लंबा होगा। मुंबई के पूर्व और पश्चिम हिस्सों को जोड़ने के लिए यह कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। इसमें अंडरग्राउंड टनल, फ्लाईओवर और इंटरचेंज शामिल होंगे। इस मार्ग के शुरू होने के बाद पूर्व और पश्चिम मुंबई के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी।

फिलहाल, फ्लाईओवर के पहले चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। पश्चिम उपनगर के पहले चरण की शुरुआत दिंडोशी कोर्ट के पास से होगी। यह फ्लाईओवर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पास समाप्त होगा। वहां से वाहन चालक पूर्व उपनगर को जोड़ने वाले मार्गों तक पहुंच सकेंगे।

पूरे प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य

मुंबई में पहले से मौजूद सांताक्रूज चेंबूर लिंक रोड, अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड और जोगेश्वरी विक्रोली लिंक रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए ही गोरेगाव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना शुरू की गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसे चार चरणों में विकसित किया जाएगा।

करीब 14,000 करोड़ है परियोजना की लागत

जीएमएलआर परियोजना की कुल लागत लगभग 14,000 करोड़ रुपए बताई जा रही है, जबकि फ्लाईओवर के निर्माण पर करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस पूरे प्रोजेक्ट को वर्ष 2028 तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है

मई के अंत या जून में शुरूआत

मनपा अधिकारियों के मुताबिक इस छह लेन वाले फ्लाईओवर पर एक ऊंचा प्लेटफॉर्म और एलिवेटेड रोटरी बनाई जाएगी। इसके अलावा पुल के दोनों और डेक स्लैब और पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ भी तैयार किए जाएंगे। फ्लाईओवर का निर्माण फिलहाल अंतिम चरण में है और सड़क पर रंगाई, डामरीकरण, सिग्नल तथा दिशा सूचक बोर्ड लगाने जैसे काम जारी है। प्रशासन का लक्ष्य मई के अंत तक या जून की शुरुआत में इस फ्लाईओवर को यातायात के लिए खोलने का है। वहीं, इस मार्ग के शुरू होने से पश्चिम एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद है।

वर्ष 2027 में पूरा होगा ट्विन टनल का काम

वर्ष 2027 तक जीएमएलआर की ट्विन टनल का काम पूरा किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद वाहनों को सीधे फ्लाईओवर से सुरंगों में प्रवेश मिलेगा, जिससे मुंबईकरों का सफर अधिक आसान और तेज हो जाएगा।

  • जीएमएलआर और कोस्टल रोड जैसी परियोजनाओं के शुरू होने के बाद वर्ष 2028 तक उपनगरीय क्षेत्र में आवागमन बेहद आसान हो जाएगा और यह फ्लाईओवर उस दिशा में पहला कदम है। फिलहाल यह फ्लाईओवर पूर्व-पश्चिम के बीच सुगम संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएगा तथा गोरेगांव-दिडोशी क्षेत्र में पीक ऑवर्स के दौरान लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत दिलाएगा। - अभिजीत बांगर, अतिरिक्त मनपा आयुक्त (प्रोजेक्ट)
  • फिल्म सिटी और आरे इलाके में ट्रैफिक की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। जीएमएलआर शुरू होने से लोगों का समय बचेगा और ईंधन की भी बचत होगी। सूर्यकांत मिश्रा, नागरिक, मैत्री पार्क, गोरेगांव पूर्व
  • हर दिन ऑफिस जाने के लिए घंटों ट्रैफिक में फंसना पड़ता है। यदि यह फ्लाईओवर समय पर शुरू हो गया, तो पश्चिम और पूर्व उपनगर के बीच यात्रा काफी आसान हो जाएगी। - सुजीत दुबे, नागरिक, गोरेगांव पूर्व
  • 1.2 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर का काम 66 जून आखिरी तक पूरा होगा। हालांकि, पूरी परियोजना को पूरा होने में तीन से चार साल तक का वक्त लगे जाएगा। फिलहाल, पुल के बन जाने के कारण ट्रैफिक से काफी हद तक राहत मिलेगी। - किरण मेघराजनी, अभियंता, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना
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