

Mumbai FDA Food Safety Crackdown: त्योहारों के मौसम में आम जनता के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अपनी मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में मुंबई सहित पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया।
हाल ही में की गई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मुंबई के फोर्ट स्थित रॉयल चाइना समेत कुल 13 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। एफडीए के इस सख्त कदम से शहर के मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वालों में हड़कंप मच गया है,
क्षेत्र में 6, पुणे शहर में 8 और छत्रपति संभाजीनगर विभाग में 3 अन्य प्रतिष्ठानों पर भी प्रशासनिक गाज गिरी है। इस विशेष अभियान के तहत अधिकारियों ने 50 हजार किलो से अधिक संदिग्ध सामग्री को कब्जे में लिया है, जिसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ 20 लाख रुपए है।
इस बीच, चर्चगेट रेलवे स्टेशन पर स्थित एक फ्रैंकी स्टॉल का वीडियो सोशल वायरल हुआ, जिसमें छत के कोने में एक जिंदा चूहा घूमता हुआ साफ नजर आ रहा था।
इसी तरह लोअर परेल स्थित सबवे आउटलेट में भी खराब और बदबूदार रेफ्रिजरेटर के साथ शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को एक साथ रखने की गंभीर लापरवाही सामने आई। फोर्ट के प्रतिष्ठित रॉयल चाइना रेस्टोरेंट में भी खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत निर्धारित मानकों का उल्लंघन पकड़ा गया, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
कोंकण विभाग में भी प्रशासन ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर चालीस लाख रुपए मूल्य की सामग्री जब्त की है। एफडीए अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
निरीक्षण के दौरान महानगर के विभिन्न लोकप्रिय भोजनालयों और बेकरी में जो हालात मिले, वे बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक हैं। कालबादेवी के ऐतिहासिक क्यानी एंड कंपनी में खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण स्थल पर चूहों का मल, जीवित मक्खियां और मृत कॉकरोच पाए गए। इसके अलावा, रेफ्रिजरेटर में भारी मात्रा में खून जमा मिला और कार्यक्षेत्र के पास गंदा पानी तथा खुला गड्डा भी देखा गया। कोलाबा स्वीट मार्ट और धारावी के फरसाण निर्माताओं के यहां भी साफ-सफाई के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थी, जहां कीट-पतंगों का खुलेआम प्रकोप नजर आया।
शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे की टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि फूड आउटलेट्स पर छापे की आड़ में जबरन वसूली की जा रही है। राउत के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में मुंढे को एक पत्र भी लिखा था।
हालांकि, तुकाराम मुंढे ने ऐसे किसी भी पत्र को मिलने से साफ इनकार किया है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा है कि यदि राउत के पास इस तरह के भ्रष्टाचार का कोई भी पुख्ता सबूत मौजूद है, तो उसे तुरंत सार्वजनिक किया जाए।