

IIT Bombay Student Sahil Wakode Death Case: आजाद मैदान में आईआईटी बॉम्बे के मृतक छात्र साहिल वाकोडे के माता-पिता ने 10 दिन बाद भूख हड़ताल शुरू कर दी है। साहिल की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर उसके माता-पिता रवींद्र और सोनाली वाकोडे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
परिवार की मुख्य मांग है कि एफआईआर में जिन लोगों के नाम हैं, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। रवींद्र वाकोड़े का कहना है कि ये महात्मा फुले और आंबेडकर का राज्य है। न्याय पाने के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा, मुझे गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा तो मुझे परवाह नहीं है।
'नवभारत' से बातचीत में रवींद्र वाकोड़े ने कहा, जिन लोगों का नाम एफआईआर में है उन्हें गिरफ्तार किया जाए। जब तक मेरी यह मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। जांच सही तरीके से हो रही है, लेकिन मेरी मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द सबूत इकट्ठा कर आरोपियों को गिरफ्तार करे।
साहिल वाकोडे (22) का शव 18 सितंबर की शाम उसके छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान वाकोडे के कथित तौर पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से जुड़े मामले की जांच कर रही है।
अफसोस मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि जांच में सामने आया है कि साहिल वाकोडे ने मौत से पहले एक महिला मित्र से बात की थी और मिड-सेमेस्टर परीक्षा में अपने प्रदर्शन को लेकर अफसोस जताया था।
पुलिस के अनुसार, उसने कथित तौर पर बताया था कि 'थर्मोडायनामिक्स' की परीक्षा में उससे गलती हो गई थी और बाद में परीक्षा में कथित नकल की घटना को लेकर भी उसने अफसोस जताया था।
सीसीटीवी फुटेज और आईफोन को पुलिस ने जांच के लिए सांताक्रुज स्थित कालीना फोरेंसिक लैब भेज दिया है और वहां से आने वाले नतीजे का इंतजार किया जा रहा है।
साहिल के पिता ने आरोप लगाया कि अपनी अंतिम मुलाकात के दौरान उनके बेटे ने बताया था कि प्रोफेसर डुला पिछले तीन महीने से संस्थान के निदेशक शिरीष बी। केदारे के कहने पर उसके साथ जातिसूचक दुर्व्यवहार कर रहे थे।
साहिल वाकोड़े की कथित आत्महत्या के मामले में जांच कर रही मुंबई पुलिस ने कहा कि प्रोफेसर डुला का बयान अभी दर्ज नहीं किया गया है, क्योंकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं, बयानों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी है।
जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, अब तक आईआईटी मुबई के छात्रों, शिक्षकों और छात्रावास के कर्मचारियों समेत 25 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पूछताछ किए गए लोगों में वे दोस्त भी शामिल है, जिन्हें साहिल वाकोडे ने परीक्षा खत्म होने और उसी शाम छात्रावास के कमरे में मौत के बीच के समय में फोन किया था।