BMC की बड़ी योजना: मुंबई में बनेंगे चार भव्य प्रवेशद्वार, 15 दिन में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
BMC City Beautification: मुंबई में शहर की वैश्विक पहचान मजबूत करने के लिए चार नए प्रवेशद्वार बनाने की योजना को तेज किया गया है। महापौर ने 15 दिनों में डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
रितु तावड़े (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Entry Gates Project: बीएमसी ने शहर की वैश्विक पहचान को मजबूत करने के उद्देश्य से दहिसर, वाशी, ऐरोली और मुलुंड में प्रस्तावित चार प्रमुख प्रवेशद्वारों के निर्माण और सौंदर्याकरण परियोजना को गति देने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में महापौर रितु तावड़े ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अगले 15 दिनों के भीतर इन सभी परियोजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करें।
मुंबईतील नियोजित चारही प्रवेशद्वार व परिसर विकास, सुशोभीकरणाबाबतच्या संकल्पना पुढील १५ दिवसात सादर कराव्यात ऐरोली प्रवेशद्वार उभारणीस प्राधान्य देवून त्याधर्तीवर इतर तिन्ही प्रकल्पांना वेग देण्यात येईल – महापौर श्रीमती रितू तावडे यांचे निर्देश मुंबईतील दहिसर, वाशी, ऐरोली आणि… pic.twitter.com/ErOI2AttKY — माझी Mumbai, आपली BMC (@mybmc) March 25, 2026
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ऐरोली प्रवेशद्वार परियोजना बनेगी मॉडल
महापौर ने स्पष्ट किया कि ऐरोली प्रवेशद्वार परियोजना को प्राथमिकता दी जाएगी और उसी मॉडल के आधार पर अन्य तीन प्रवेशद्वारों का विकास भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल मुंबई की अंतरराष्ट्रीय पहचान को सुदृढ़ करेगी, बल्कि यह शहरवासियों की भावनाओं से जुड़ी हुई है और मनपा के राजस्व में भी वृद्धि करेगी।
इस विषय पर बीएमसी मुख्यालय में आयोजित एक संयुक्त बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में प्रवेशद्वारों के संभावित स्थान, वर्तमान और भविष्य की विकास योजनाएं, आसपास के क्षेत्र का सौंदर्याकरण, पर्यटन केंद्र के रूप में विकास और हरित क्षेत्र बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, विभिन्न शासकीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने और आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया गया।
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पर्यावरण पर भी जोर
- महापौर रितु तावडे ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से वित जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि परियोजना की रूपरेखा समय पर तैयार हो जाती है, तो इससे मनपा के खर्च में कमी आएगी और अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध होंगे।
- उन्होंने यह भी जोर दिया कि परियोजना में पर्यावरण संरक्षण के पहलुओं को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि विकास के साथ संतुलन बना रहे। महापौर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि यह परियोजना जल्द ही धरातल पर उतर सके और मुंबई की छवि को नया आयाम दे सके।
