

Mumbai Eastern Freeway Extension Project: मुंबई के बहुप्रतीक्षित 13.9 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन परियोजना ने निर्माण की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने महज चार घंटे के विशेष अभियान में 59-59 मीटर लंबे और 160-160 टन वजनी दो मुख्य ट्रस सफलतापूर्वक स्थापित कर परियोजना को अगले अहम चरण में पहुंचा दिया है।
इस उपलब्धि के साथ अब 1,632 प्रीकास्ट सेगमेंट लगाने का कार्य तेज गति से शुरू होगा, जिससे 13.9 किलोमीटर लंबे छह लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण रफ्तार पकड़ेगा। परियोजना पूरी होने पर दक्षिण मुंबई और ठाणे के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 20 से 25 मिनट रह जाएगा और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी कम होगा।
एमएमआरडीए के अनुसार सेगमेंट लॉन्चर के दोनों मुख्य ट्रस की वास्तविक स्थापना केवल एक घंटे में पूरी कर ली गई, जबकि पूरी जटिल प्रक्रिया चार घंटे में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान हर चरण की पहले से विस्तृत योजना बनाई गई थी और मुंबई ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया गया।
अब मुख्य ट्रस स्थापित होने के बाद परियोजना के अगले चरण की शुरुआत होगी। सेगमेंट लॉन्चर की मदद से 1,632 प्रीकास्ट कंक्रीट सेगमेंट, जिनमें प्रत्येक का वजन लगभग 90 टन है, एक-एक स्पैन के हिसाब से स्थापित किए जाएंगे। इनसे 25 मीटर चौड़ा सिंगल-सेल सेगमेंटल सुपर स्ट्रक्चर तैयार होगा, जिससे वायाडक्ट निर्माण की गति कई गुना बढ़ जाएगी।
13.9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन पूरी तरह छह लेन वाला हाई-स्पीड एलिवेटेड कॉरिडोर होगा, जो ठाणे के आनंद नगर को घाटकोपर के छेड़ा नगर से जोड़ेगा। यह कॉरिडोर मुंबई के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
परियोजना पूरी होने के बाद दक्षिण मुंबई से ठाणे के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 20 से 25 मिनट रह जाएगा। इससे लाखों दैनिक यात्रियों को तेज और सुगम सफर मिलेगा, जबकि पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी भी पहले से अधिक मजबूत होगी।
एमएमआरडीए अधिकारियों का मानना है कि यह उपलब्धि केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि अत्याधुनिक इंजीनियरिंग, सटीक योजना और समन्वित कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण है। रिकॉर्ड समय में दो विशाल ट्रस की सफल स्थापना ने स्पष्ट कर दिया है कि मुंबई का अगला हाई-स्पीड कॉरिडोर अब तेजी से आकार ले रहा है।