

BMC To Bring Management Policy: इस समय देश ई कचरे के निपटान की समस्या से ग्रस्त है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई ई कचरे के मामले में सर्वाधिक परेशानी से गुजर रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर बीएमसी सदन में पार्षद तेजिंदरसिंह तिवाना द्वारा प्रस्तुत ई-कचरा (ई-वेस्ट) प्रबंधन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई है। इस निर्णय से मुंबई में ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।
सदन में प्रस्तुत प्रस्ताव में बताया गया कि महाराष्ट्र में प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में ई-कचरा उत्पन्न हो रहा है तथा मुंबई देश के सर्वाधिक ई-कचरा उत्पन्न करने वाले शहरों में शामिल है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, बैटरियों तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग और उनके तेजी से प्रतिस्थापन के कारण ई-कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है और मुंबई अब ई-कचरे की राजधानी बन रहा है।
प्रस्ताव में यह भी बताया गया कि ई-कचरे में मौजूद लिथियम बैटरियां, सर्किट बोर्ड और अन्य खतरनाक पदार्थ मिट्टी, जल और वायु को प्रदूषित कर रहे हैं। साथ ही कचरा डंपिंग स्थलों पर आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर एवं दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में महानगरपालिका से ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए स्वतंत्र नीति तैयार करने, अधिकृत ई-कचरा संग्रह केंद्र स्थापित करने, अधिकृत पुनर्चक्रण संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करने तथा नागरिकों के बीच व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग की गई।
सदन ने इस विषय की गंभीरता को देखते हुए मुंबई महानगरपालिका प्रशासन को ई-कचरा प्रबंधन हेतु व्यापक कार्ययोजना तैयार करने, उसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने तथा उसकी प्रगति रिपोर्ट सदन के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश देने को मंजूरी प्रदान की।
बीजेपी पार्षद तेजिंदरसिंह तिवाना ने विश्वास व्यक्त किया कि इस निर्णय से मुंबई में पर्यावरण-अनुकूल, टिकाऊ और सुरक्षित ई-कचरा प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रदूषण नियंत्रण, नागरिकों के स्वास्थ्य संरक्षण और स्वच्छ एवं हरित मुंबई के निर्माण में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।