मुंबई में साइबर क्राइम बढ़ा, ‘टास्क’ के नाम पर डिजिटल जाल! खातों से रकम हो रही गायब
Mumbai Cyber Crime: मुंबई में ‘टास्क’ और फर्जी निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां डिजिटल स्कैम के जरिए लोगों के बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र
cyber security Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Cyber Security Maharashtra: मुंबईकरों पर साइबर क्राइम का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब शहर में ‘टास्क’ के नाम पर डिजिटल जाल बिछाकर साइबर ठग आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। फर्जी ऐप, नकली ग्रुप और संगठित नेटवर्क के जरिए निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही है। एक क्लिक में ही बैंक खाते खाली हो रहे हैं।
सीएम ने किया स्वीकार
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में 2,163 मामले दर्ज किए गए और 455 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बावजूद साइबर अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। विधानसभा में लिखित जवाब में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस गंभीर स्थिति को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है, लेकिन प्रभावी रूप से इन अपराधों पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है।
‘ट्रेडर टाइटन वीआईपी 56’
दक्षिण मुंबई के 68 वर्षीय एक शेयर ट्रेडर से 10.98 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित को व्हाट्सऐप पर ‘ट्रेडर टाइटन वीआईपी 56’ ग्रुप में जोड़ा गया और फर्जी ट्रेडिंग ऐप ‘वॉरबर्गपिन्सिन’ के माध्यम से बड़ी रकम निवेश करवाई गई। इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 2.36 करोड़ रुपये की राशि जब्त की गई है।
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इसी तरह विक्रोली की एक युवती को टेलीग्राम और व्हाट्सऐप के माध्यम से ‘टास्क’ और ‘रिव्यू’ के नाम पर फंसाया गया। शुरुआत में छोटे-छोटे कमीशन का लालच देकर भरोसा जीत लिया गया और बाद में 11.42 लाख रुपये की ठगी की गई।
किए जा रहे उपाय
सरकार ने महाराष्ट्र साइबर सुरक्षा परियोजना के तहत नवी मुंबई में मुख्यालय स्थापित कर 50 साइबर लैब्स को सक्रिय किया है। इसके अलावा 1,000 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। हेल्पलाइन 1930 और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके बावजूद डिजिटाइजेशन का दुरुपयोग कर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
