

MCOA Rules Teachers Felicitation In Mumbai: महाराष्ट्र क्लास ओनर्स एसोसिएशन (MCOA) की ओर से आयोजित ‘संकल्प एवं सम्मान’ कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक समय से योगदान देने वाले 16 वरिष्ठ शिक्षकों और प्रोफेसरों का सम्मान किया गया।
दादर के वैद्य सभागार में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में महाराष्ट्र भर से 1,000 से अधिक कोचिंग क्लास संचालक एकजुट हुए। कार्यक्रम में राज्य में कोचिंग क्लासेस के लिए प्रस्तावित नियमों को लेकर चर्चा हुई और संचालकों ने अपनी मांगों एवं चिंताओं को सरकार के समक्ष सामूहिक रूप से रखने का संकल्प लिया।
मुंबई शहर में हो रहे इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. तात्याराव लहाने ने अपने संबोधन में शिक्षा और शिक्षक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य को दिशा देने और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
विशेष रूप से कमजोर विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने और उन्हें आगे बढ़ाने की क्षमता एक शिक्षक में होती है। डॉ. लहाने ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सही मार्गदर्शन देना शिक्षकों की बड़ी जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर लोकप्रिय शिक्षक प्रो. संजय आप्पन ने भी विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने अपनी परिचित और प्रभावी शैली में छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए शिक्षा, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का महत्व समझाया।
एमसीओए ने कोचिंग क्लासेस पर रेगुलेशन को लेकर प्रस्तावित शर्तो पर चिंता जताई। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सचिन कर्नावट ने कहा कि कोचिंग संस्थानों के लिए जिम्मेदार, संतुलित और छात्र-केंद्रित नियमन के पक्ष में हैं।
हालांकि, उनका कहना है कि प्रस्तावित नियमों के कुछ प्रावधान छोटे और मध्यम स्तर के कोचिंग संस्थानों के लिए अत्यधिक कड़े और व्यावहारिक रूप से कठिन साबित हो सकते हैं।
इसके लिए महाराष्ट्र राज्य की 9 कोचिंग क्लास एसोसिएशनों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से संयुक्त मुलाकात कर अपना पक्ष रखने का निर्णय लिया है। इन एसोसिएशनों का दावा है कि वे करीब 98,000 कोचिंग क्लास संचालकों का प्रतिनिधित्व करती हैं।