

कम बारिश के चलते मुंबई में 15 मई 2026 से 10% पानी कटौती लागू है।
बीएमसी ने पानी की बर्बादी रोकने और रिसाव की तुरंत मरम्मत करने की अपील की।
नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी, जबकि औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर 20% कटौती जारी रहेगी।
Mumbai BMC Water Cut Lake Levels: इस साल कम बारिश और अल नीनो जैसी मौसमी परिस्थितियों के कारण मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सातों बांधों के जल भंडार पर असर पड़ा है। भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने और उपलब्ध पानी को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए बीएमसी ने मुंबईकरों से पानी की बचत करने की अपील की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीने के पानी का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई में प्रतिदिन करीब 4,664 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जबकि उपलब्ध जल स्रोतों से औसतन 4,100 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है।
मांग और उपलब्धता के बीच अंतर को देखते हुए राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग के निर्देश पर 15 मई 2026 से शहर में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू है।
औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और स्पोर्ट्स क्लबों के लिए 20 प्रतिशत कटौती भी जारी रहेगी। प्रशासन ने भविष्य की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 31 अगस्त 2027 तक की जलापूर्ति का नियोजन करने पर जोर दिया है।
मुंबई बीएमसी ने नागरिकों से नल खुले नहीं छोड़ने, जल रिसाव की तुरंत मरम्मत कराने और रोजमर्रा के कामों में पानी की बर्बादी रोकने की अपील की है। स्विमिंग पूल में पीने के पानी का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
वाहनों की धुलाई, उद्यानों में पौधों को पानी देने, सड़कों की सफाई और निर्माण कार्यों के लिए कुओं, बोरवेल तथा मलजल शोधन केंद्रों के उपचारित पानी का उपयोग करने को कहा गया है। जल रिसाव से होने वाली बर्बादी रोकने के लिए बीएमसी के जल अभियंता विभाग ने विशेष दल गठित किए हैं।
प्रशासन ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी एजेंसियों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। छोटे-छोटे प्रयासों से भी उपलब्ध जल भंडार को अधिक समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है।