मुंबई BMC स्कूलों में घटिया मिड डे मील पर हंगामा, शिक्षा समिति की बैठक में गर्माया गुणवत्ता का मुद्दा

BMC School News: बीएमसी स्कूलों में परोसे जा रहे मध्यान्ह भोजन की खराब गुणवत्ता और अस्वस्थ रसोइयों को लेकर शिक्षा समिति में हंगामा हुआ। प्रशासन से सख्त निरीक्षण की मांग की गई है।
Questions raised over mid-day meals in BMC schools
बीएमसी स्कूल मध्यान्ह भोजन गुणवत्ता सोर्स- सोशल मीडिया
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BMC School Mid Day Meal Quality Issue Mumbai: मुंबई महानगरपालिका (BMC) स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड डे मील की गुणवत्ता को लेकर शिक्षा समिति की बैठक में मामला गरमा गया।

समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मनपा विद्यालयों के बच्चों को घटिया गुणवत्ता का भोजन परोसा जा रहा है। साथ ही, भोजन तैयार करने वाली कई रसोइयों में स्वच्छता की स्थिति भी संतोषजनक नहीं होने का मुद्दा उठाया गया।

रसोइयों के नियमित निरीक्षण की मांग

शिक्षा समिति की बैठक में शिवसेना नगरसेवक अंकित प्रभू ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मुंबई मनपा प्रशासन की ओर से स्कूलों में तैयार होने वाले भोजन की पर्याप्त जांच नहीं की जा रही है। उन्होंने सभी रसोइयों का नियमित और सख्त निरीक्षण सुनिश्चित करने की मांग की।

पंतनगर स्कूल में मिला था कांच का टुकड़ा

गौरतलब है कि अगस्त के पहले सप्ताह में मनपा के घाटकोपर स्थित पंतनगर स्कूल में विद्यार्थियों को दिए गए मिड डे मील में कांच का टुकड़ा मिलने की घटना सामने आई थी। इसके बाद स्कूलों में दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

रोज खिचड़ी के बजाय बदले मेन्यू

अंकित प्रभू ने कहा कि बच्चों को प्रतिदिन केवल खिचड़ी देने के बजाय आहार विशेषज्ञों की सलाह से भोजन के मेन्यू में बदलाव किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि विद्यार्थियों को पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध कराने पर ध्यान देने की जरूरत है।

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पांच विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति

शिवसेना नगरसेवक प्रमोद सावंत ने भी रसोइयों में स्वच्छता की निगरानी को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि पर्याप्त निधि उपलब्ध होने के बावजूद स्वच्छता व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी क्यों नहीं रखी जा रही है। इसके जवाब में मनपा अधिकारियों ने बताया कि निगरानी के लिए पांच विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है।

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कुछ रसोइयां केवल कागजों पर चलने का आरोप

बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि कई स्थानों पर रसोइयां केवल कागजों पर संचालित हो रही हैं। व्यवस्था में सुधार के लिए शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर ने शिक्षा अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से इस मामले पर ध्यान देने और निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

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