BMC Cycle Track Plan Fail: मुंबई में बिना काम के 7 करोड़ खर्च प्रस्ताव पर बवाल, बीएमसी की योजना पर सवाल
BMC Cycle Track Project Failure: मुंबई में पाइपलाइन किनारे साइकिल ट्रैक और उद्यान योजना पर सवाल उठे हैं। काम पूरा न होने के बावजूद बीएमसी ने 7 करोड़ रुपये के रखरखाव प्रस्ताव पेश किया।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई मनपा (फोटो क्रेडिट-X)
Mumbai BMC Cycle Track Plan Fail: मुंबई में जल पाइपलाइनों के किनारे साइकिल ट्रैक और उद्यान विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना अब सवालों के घेरे में आ गई है।
इस योजना का उद्देश्य शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देना था, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका क्रियान्वयन अधूरा ही रह गया।
वास्तविकता यह है कि जिन स्थानों पर साइकिल ट्रैक और उद्यान विकसित किए जाने थे, वहां न तो कोई निर्माण कार्य हुआ और न ही बुनियादी सुविधाएं तैयार की गईं। इसके उलट कई जगहों पर अतिक्रमण बढ़ गया है, जिससे योजना पूरी तरह विफल नजर आ रही है।
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7 करोड़ के प्रस्ताव पर विवाद
इस बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) प्रशासन ने इन क्षेत्रों की देखभाल के लिए करीब 7 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पेश किया, जिससे स्थायी समिति के सदस्यों में नाराजगी फैल गई। सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब परियोजना का काम ही पूरा नहीं हुआ, तो रखरखाव पर इतनी बड़ी राशि क्यों खर्च की जा रही है।
समिति में तीखी प्रतिक्रिया
स्थायी समिति की बैठक में सदस्य दिपमाला बढे ने प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बिना किसी ठोस काम के इस तरह का प्रस्ताव पेश करना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। अन्य सदस्यों ने भी प्रशासन के इस कदम की कड़ी आलोचना की।
स्थानीय मुद्दों से बढ़ी नाराजगी
वाकोला पाइपलाइन क्षेत्र में पहले ही नागरिकों के घर हटाए जा चुके हैं, लेकिन कई प्रभावित लोगों को अब तक पुनर्वास नहीं मिला है। ऐसे में 18 किलोमीटर क्षेत्र के लिए 7 करोड़ रुपये का प्रस्ताव लाना लोगों के आक्रोश को और बढ़ा रहा है।
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जवाबदेही पर उठे सवाल
कांग्रेस के स्थायी समिति सदस्य तुलिप मिरांडा ने इस पूरे मामले को बीएमसी की गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि जब परियोजना अधूरी है, तो रखरखाव के नाम पर धन की मांग करना गलत है। इस मुद्दे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
