स्थायी समितियों का गठन अटका, Thane Municipal Corporation में सहयोगी दलों के बीच बढ़ी खींचतान

Thane Municipal Corporation में शिवसेना-भाजपा गठबंधन के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं। नारी शक्ति वंदन बिल पर प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद भाजपा नगरसेवकों ने सदन और बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
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Thane Municipal Corporation Tax (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Thane Municipal Corporation Shiv Sena BJP Clash: ठाणे महानगरपालिका में शिवसेना-भाजपा की युति है। महापौर पद पर शिवसेना की शर्मिला पिंपलोलकर एवं उप महापौर पद पर भाजपा के कृष्णा पाटिल विराजमान हैं। लेकिन दोनों दलों के बीच सब कुछ ठीक ठाक नहीं है।

दोनों दलों के बीच अपासी सहमती नहीं बनाने की वजह से अभी तक स्थायी समिति सहित अन्य विशेष समितियों का गठन नहीं हो पाया है और न ही मनोनीत नगरसेवकों की नियुक्ति हो पायी है। मनपा सदन में दोनों दलों के बीच अनबन देखने को मिल रही है।

मनपा गठित होने के बाद पहली आमसभा में शिवसेना-भाजपा के नगरसेवक आपस में भिड़ गए थे। सोमवार को एक बार कटुता देखने को मिली। संसद में नारी शक्ति वंदन बिल गिरने के बाद से शिवसेना एवं भाजपा के नेता एवं सांसद विपक्ष पर लगातार हमला बोल रहे हैं।

लेकिन Thane Municipal Corporation में भाजपा की तरफ से नारी शक्ति वंदन बिल पर भाजपा के स्थगन प्रस्ताव को महापौर शर्मिला पिंपलोलकर ने स्वीकार करने से इंकार कर दिया। जिसको लेकर भाजपा नगरसेवकों ने सदन में और सदन के बाहर आक्रामक तेवर दिखाया। भाजपा नगरसेवक भरत चव्हाण ने नारी शक्ति वंदन एक्ट' बिल पास न करने के रवैये के विरोध में मनपा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कराने का प्रस्ताव दिया। जिसे स्वीकार नहीं किया गया।

विरोध प्रदर्शन किया

इस विरोध प्रदर्शन में उप महापौर कृष्णा पाटिल, भाजपा गुट नेता मुकेश मोकाशी, नगरसेविका नंदा पाटिल, नम्रता कोली, अर्चना मणेरा, मृणाल पेंडसे, काजोल गुणिजन, उषा वाघ, वेदिका पाटील, माधुरी मेटांगे, अनिता भोईर और अन्य नगरसेवक शामिल हुए। नारी शक्ति वंदना एक्ट के जरिए संसद और विधानसभा में महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलता, लेकिन कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने इस बिल को खारिज कर दिया। भरत चव्हाण ने कहा कि यह देश की 70 करोड़ से ज्यादा महिलाओं का अपमान है। भरत चव्हाण ने इस मुद्दे पर बैठक स्थगित की मांग की थी, जबकि नगरसेविका नंदा पाटिल ने इसे अनुमोदन दिया था।

आमसभा में उठाएंगे मुद्दा

इस प्रस्ताव के जरिये भाजपा कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधना चाहती थी, लेकिन प्रस्ताव को पटल पर रखने से मना कर देने पर उप महापौर कृष्णा पाटिल, मनपा में भाजपा के गुट नेता मुकेश मोकाशी समेत अन्य भाजपा नगरसेवकों ने कड़ी नाराजगी जतायी।

नगरसेवक भरत चव्हाण ने कहा कि अगले आमसभा में इस मुद्दे को भाजपा फिर से उठाने का फैसला किया है। भाजपा की तरफ से कहा गया कि कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों ने 'नारी शक्ति वंदन एक्ट' का विरोध करके महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है।

महिला आरक्षण का विरोध करके विपक्षी पार्टियों का असली चेहरा सामने आ गया है। नगरसेवक भरत चव्हाण ने मांग की कि महापौर व मनपा सचिव कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों के रुख का विरोध करने के लिए सोमवार की आम सभा को एक दिन के लिए स्थगित करें, लेकिन महापौर व मनपा सचिव ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। जिसकी वजह से भाजपा नगरसेवकों ने सभागृह के बाहर नारे लगाकर विरोध किया।

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