वार्षिक फास्टैग पास से नहीं मिलेगा अटल सेतु व सी लिंक पर फायदा, मुंबई में टोल दरों में नहीं मिलेगी कोई राहत

Annual Fastag Pass: केंद्र सरकार के नए सालाना फास्टैग पास का लाभ मुंबई के अटल सेतु और बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर नहीं मिलेगा। यह योजना केवल चुनिंदा राष्ट्रीय महामार्गों तक ही सीमित रहेगी।
The new annual FASTag pass will not provide any concessions for the Atal Setu and the Sea Link
प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • नए सालाना FASTag पास से अटल सेतु और सी लिंक पर छूट नहीं मिलेगी।

  • पात्र निजी वाहन चालकों को ₹1,500 या ₹3,000 में सालाना पास मिलेगा।

  • 1 नवंबर से टोल प्लाजा पर और 1 दिसंबर से ऐप पर पास उपलब्ध होगा।

FASTag Annual Pass Mumbai: केंद्र सरकार की ओर से निजी वाहन चालकों के लिए पेश किए गए नए सालाना फास्टैग लोकल पास से मुंबईकरों को अटल सेतु और बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर कोई राहत नहीं मिलेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय महामार्ग शुल्क नियम 2008 में संशोधन करके एक नवंबर से सालाना रियायती पास देने की घोषणा की है। इसके तहत तय राष्ट्रीय महामार्ग टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निजी वाहन मालिकों को सालाना डेढ़ हजार या तीन हजार रुपए में पास मिलेगा। हालांकि, यह छूट केवल संबंधित राष्ट्रीय महामार्ग के एकल टोल प्लाजा पर लागू होगी, जिससे मुंबई के समुद्री पुलों पर चलने वाले वाहन चालकों को इसका फायदा नहीं मिल सकेगा। कुल मिलाकर फैसले से मुंबईकरों का सफर सस्ता नहीं होगा।

प्रवेश द्वारों पर निजी कारों को पहले से ही मिली है पूरी छूट

मुंबई शहर के वाहन चालकों के लिए इस योजना का सीमित असर होने का एक बड़ा कारण यह भी है कि शहर के पांचों मुख्य प्रवेश द्वारों पर निजी कारों को पहले से ही पूरी छूट मिली हुई है। अक्टूबर 2024 से सायन-पनवेल महामार्ग पर वाशी, ऐरोली ब्रिज, एलबीएस मार्ग मुलुंड, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे मुलुंड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर दहिसर टोल प्लाजा से गुजरने वाली निजी कारों और हल्के वाहनों को टोल मुक्त किया जा चुका है। इस कारण मुंबई में रोजाना आवाजाही करने वाले अधिकांश कार चालकों को नए सालाना लोकल पास की आवश्यकता नहीं है। लेकिन मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक यानी अटल सेतु और बांद्रा-वर्ली सी लिंक स्वतंत्र परियोजना ढांचे अलग नियमों के तहत संचालित होते हैं।

MMR क्षेत्र में किसे मिलेगा रियायत का लाभ

ऐसे में राष्ट्रीय महामार्गों के लिए शुरू की गई यह रियायत इन परियोजनाओं पर स्वतः लागू नहीं होती है। इस वजह से मुंबई और नवी मुंबई के बीच अटल सेतु से सफर करने वाले अथवा पश्चिम उपनगर से दक्षिण मुंबई के बीच बांद्रा वर्ली सी लिंक का नियमित उपयोग करने वाले यात्रियों को तय सामान्य टोल दरों का ही भुगतान करना होगा।

यह नई योजना उन निजी वाहन चालकों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी जो शुल्क वाले राष्ट्रीय महामार्ग टोल प्लाजा के पास रहते हैं।

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मुंबई महानगर क्षेत्र और नजदीकी

  • इलाकों के अंतर्गत पालघर जिले में राष्ट्रीय महामार्ग 48 पर स्थित चारोटी टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहने वाले लोग इस पात्रता की जांच कर सकते हैं।

  • हालांकि, यह पास केवल उसी एक टोल प्लाजा के लिए मान्य होगा और रास्ते में पड़ने वाले अन्य टोल प्लाजा पर इसका लाभ नहीं मिलेगा।

  • इसके अलावा यह सुविधा बंद टोल प्रणाली वाले एक्सप्रेसवे पर भी लागू नहीं होगी, जहां दूरी के हिसाब से टोल वसूला जाता है।

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एक दिसंबर से ऐप पर भी सुविधा

यह योजना केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों के लिए है, जिन पर सक्रिय फास्टैग लगा होना अनिवार्य है। नगर पालिका सीमा से बाहर स्थित पात्र टोल प्लाजा के लिए सालाना शुल्क 1,500 रुपए और शहरी निकाय सीमा के भीतर स्थित प्लाजा के लिए 3,000 रुपए तय किया गया है।

वर्तमान में मिलने वाले मासिक पास का शुल्क 360 रुपए है, जिसका पूरे साल का खर्च 4,332 रुपए बैठता है। इस लिहाज से नियमित आवागमन करने वाले स्थानीय चालकों को सालाना पास से अच्छी बचत होगी। पात्र टोल प्लाजा पर यह पास एक नवंबर से सीधे उपलब्ध होगा, जबकि एक दिसंबर से वाहन चालक महामार्ग यात्रा मोबाइल ऐप के माध्यम से भी इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।