मुंबई एयरपोर्ट पर फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ बांग्लादेशी गिरफ्तार; कांगो भागने की फिराक में था आरोपी

Bangladeshi National Arrested: मुंबई एयरपोर्ट पर एक बांग्लादेशी नागरिक को फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ पकड़ा गया। आरोपी सुकांता मल्लीक 2012 से अवैध रूप से भारत में रह रहा था और अब विदेश भाग रहा था।
Bangladeshi National Arrested In Mumbai Airport
मुंबई एयरपोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Bangladeshi National Arrested At Mumbai Airport: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक बांग्लादेशी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी भारतीय पासपोर्ट के जरिए विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन अधिकारियों की पैनी नजर से बच नहीं सका।

कैसे खुली पोल?

यह घटना बुधवार तड़के करीब 4:15 बजे की है। इमिग्रेशन काउंटर पर तैनात अधिकारी गणेश गवली ने जब एक यात्री के दस्तावेजों की जांच शुरू की, तो ऊपर से सब कुछ सामान्य लगा। यात्री के पास मौजूद भारतीय पासपोर्ट में कोलकाता का पता दर्ज था। संदेह तब पैदा हुआ जब जांच के दौरान यात्री के पास मौजूद मोबाइल नंबर में बांग्लादेश का कंट्री कोड दिखाई दिया। एक भारतीय पासपोर्ट धारक के पास बांग्लादेशी नंबर होना अधिकारियों के लिए खतरे की घंटी थी। तुरंत मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे हिरासत में लिया गया और वरिष्ठ अधिकारियों के पास ले जाया गया।

12 साल से भारत में अवैध निवास

कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी टूट गया और अपनी असली पहचान उजागर कर दी। आरोपी की पहचान 39 वर्षीय सुकांता मल्लीक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बांग्लादेश के गोपालगंज जिले का निवासी है। उसने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वह साल 2012 में अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आया था। पिछले 12 सालों में उसने न केवल भारत में अपनी जगह बनाई, बल्कि 2022 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट भी बनवा लिया।

पुलिस जांच में उसके पास से फर्जी तरीके से बनवाए गए इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसके पास से भारतीय पासपोर्ट, बोर्डिंग पास, पैन कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, बांग्लादेश का जन्म प्रमाण पत्र, उसकी मां का पासपोर्ट और मोबाइल फोन सहित कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।

कांगो जाने की थी तैयारी

पुलिस के अनुसार, सुकांता मल्लीक फ्लाइट नंबर TC-401 से कांगो के डार सिटी (Dar es Salaam) जाने वाला था। वह फर्जी भारतीय पहचान का इस्तेमाल कर अफ्रीका में बसने की योजना बना रहा था।

बड़े गिरोह की आशंका

इमिग्रेशन अधिकारियों ने आरोपी को सहार पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस को अंदेशा है कि इस जालसाजी के पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ है, जो अवैध प्रवासियों को फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट मुहैया कराता है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और विदेशी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com