

Mumbai AQI Level: महानगर में एक बार फिर वायु गुणवत्ता चिंता का विषय बन गई है। समीर ऐप पर उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार मुंबई के कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 226 तक पहुंच गया है, जो 'खराब' श्रेणी में आता है।
विशेष रूप से पूर्वी उपनगरों के गोवंडी-शिवाजीनगर इलाके में हवा की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक पाई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण कार्य, सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं और मौसम में नमी की कमी के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ा है।
एक्यूआई 226 का अर्थ है कि यह हवा न केवल संवेदनशील लोगों बल्कि सामान्य नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। सांस से जुड़ी बीमारियों, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है।
अन्य इलाकों की बात करें तो चेंबूर, घाटकोपर, बीकेसी, वर्ली और भायखला जैसे क्षेत्रों में एक्यूआई 140 से 190 के बीच दर्ज किया गया है, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। वहीं कुलाबा और कुछ पश्चिमी उपनगरों में हवा अपेक्षाकृत बेहतर, यानी संतोषजनक श्रेणी में रही।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा सकती। बीएमसी ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सड़कों की नियमित सफाई और नियमों के सख्त पालन पर जोर देने की बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में मुंबई की हवा और अधिक खराब हो सकती है।