Mumbai में प्रदूषण पर सख्ती, 1000 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं पर AQI निगरानी अनिवार्य
Mumbai AQI News: मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए बीएमसी ने बड़े निर्माण स्थलों पर AQI मॉनिटर लगाना अनिवार्य किया है। नियम तोड़ने पर स्टॉप वर्क और जुर्माना लगेगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई का एक्यूआई (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: वायु प्रदूषण शहर के लिए चुनौती बना हुआ है। खराब होती हुई हवा को सुधारने के लिए बीएमसी ने कई सारे एक्शन लिए हैं। बीएमसी ने निर्माण कार्यों और सड़कों से उठने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए कई अल्पकालिक योजनाएं तैयार की हैं।
बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में 2 हजार निर्माणाधीन स्थल है, जिसमें से लगभग 1,200-1,300 बड़े प्रोजेक्ट हैं, जिनकी लागत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है। हर बिल्डर और ठेकेदार को अल्टीमेटम जारी किया है कि जिन परियोजनाओं की लागत 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक है, उन्हें अगले सप्ताह के अंत तक अपने परिसर में एक्यूआई मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।
ऐसा न करने पर काम रोकने (स्टॉप वर्क) का नोटिस जारी किया जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डैशबोर्ड के अनुसार, शनिवार को मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 104 दर्ज किया गया।
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पर्यावरण विभाग के प्रभारी अतिरिक्त बीएमसी आयुक्त अविनाश ढाकणे ने बताया कि एक प्रमुख उपाय यह सुनिश्चित करना है कि सभी ठेकेदारों ने अपने परिसर में एयर क्वालिटी इंडेक्स मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया हो।
शहर के समग्र एक्यूआई को नियंत्रण में रखने के लिए ये कदम तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं। गिरती वायु गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए बीएमसी ने इस वर्ष की शुरुआत में कहा था कि सभी निर्माण स्थलों पर सेंसर लगाकर रियल टाइम एक्यूआई रिकॉर्ड करना होगा। यदि रीडिंग ‘असुरक्षित’ या ‘खराब’ स्तर तक पहुंचती है, तो चल रहे काम को या तो रोका जाएगा या पानी का छिड़काव जैसे नियंत्रण उपाय अपनाए जाएंगे। मुंबई एयर पॉल्यूशन एक्शन प्लान में बीएमसी ने निर्माण स्थलों से धूल के फैलाव को वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बताया है।
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लगाया गया एक्यूआई
अब तक लगभग 650 निर्माणाधीन स्थलों पर एक्यूआई सेसर स्थापित कर दिए है। इन सेसरों से प्राप्त आंकड़े कार्यस्थल के बाहर स्क्रीन पर – प्रदर्शित किए जा रहे हैं और साथ ही बीएमसी को भेजे जा रहे है, जिन्हें डैशबोर्ड पर दर्ज किया जाता है। अधिकारी ने बताया कि, “जब पूरा नेटवर्क तैयार हो जाएगा, तब इसे सार्वजनिक करने पर -विचार किया जा सकता है।
