

Mumbai Air Pollution: मुंबई में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है और बढ़ते धूलकणों को नियंत्रित करने के लिए बीएमसी ने अब जमीन पर बड़ा सफाई अभियान शुरू कर दिया है। शहर के सभी वॉर्ड में 'डीप क्लीन ड्राइव' शुरू की गई है। इसके तहत फिलहाल 22 वाहनों को सफाई और धूल नियंत्रण के काम में लगाया गया है।
वहीं, सोमवार यानी आज 7 और मिस्टिंग वाहन अभियान से जुड़ जाएंगे। इन वाहनों की मदद से सड़कों, जंक्शन और धूल जमा होने वाले इलाकों में पानी का छिड़काव कर हवा में उड़ने वाले धूलकणों को कम करने की कोशिश की जाएगी।
मानसून के दौरान सड़कों पर जमा हुई मिट्टी, गाद और धूल अब मुंबई की हवा के लिए चुनौती बन रही है। बारिश कम होने के बाद सड़क की सूखी धूल वाहनों की आवाजाही के साथ हवा में घुलती है। यही वजह है कि बीएमसी ने नियमित सफाई के साथ अब डीप क्लीनिंग, रोड वॉशिंग और मिस्टिंग पर जोर दिया है। बीएमसी ने सभी वॉडों को अपने-अपने क्षेत्र में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
खासतौर पर निर्माण और पुनर्विकास स्थलों, ट्रैफिक वाले जंक्शन, सड़क किनारे जमा मलबे, धूल भरे हिस्सों और खुले में कचरा जलाने वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव, मलबे को ढंकना और साइट की नियमित सफाई जैसे उपायों पर भी जोर दिया जा रहा है।
वायु प्रदूषण बढ़ाने वाले खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ भी बीएमसी ने सख्ती बढ़ा दी है। बीएमसी के मुताबिक, अब खुले में कचरा जलाते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा, बीएमसी का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि शहर में खुले में कचरा जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है।
बीएमसी के इस अभियान में मिस्टिंग वाहनों की भूमिका अहम होगी। पानी की महीन फुहार के जरिए हवा में मौजूद घूलकणों को नीचे बैठाने की कोशिश की जाएगी। सोमवार तक सात अतिरिक्त वाहन मिलने के बाद अभियान की क्षमता और बढ़ने की उम्मीद है।
बीएमसी का यह अभियान ऐसे समय शुरू हुआ है, जब मुंबई में सर्दियों से पहले हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ने लगती है। सड़क की धूल, निर्माण गतिविधियां और कचरा जलाना प्रदूषण के प्रमुख स्थानीय स्रोत है। ऐसे में डीप क्लीन ड्राइव की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सफाई के साथ नियम तोड़ने वालों पर कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है।