8 महीने में 81 मौतें, 600 करोड़ स्वाहा, मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर कंक्रीट के नाम पर बड़ा घोटाला?

National Highway Death Trap: मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर गड्ढों, टूटे कंक्रीट और कचरे से परेशानी बढ़ी। जनवरी से अगस्त तक 81 मौतों के आंकड़े के बीच एनएचएआई ने मरम्मत शुरू कराई।
Mumbai Highway Safety Road Accidents
मुंबई-अहमदाबाद हाईवे की बदहालीसोर्स:फोटो नवभारत
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Mumbai Highway Safety Road Accidents: मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क की बदहाली और कचरे की समस्या को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पेल्हर के पास सर्विस रोड पर कचरे का अंबार लगा है, जबकि कई हिस्सों में गड्ढे और टूटे कंक्रीट पैनल हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अगस्त तक 81 लोगों की मौत हुई है।

600 करोड़ खर्च फिर भी बदहाल

मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वालों के सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है। कहीं सर्विस रोड पर कचरे का अंबार लगा है तो कहीं टूटे कंक्रीट पैनल और गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। दावा है कि हाईवे के कंक्रीटीकरण पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। इसी बीच जनवरी से अगस्त तक आठ महीनों में 81 लोगों की सड़क हादसों में मौत का आंकड़ा सामने आया है।

सर्विस रोड पर कचरे का अंबार

नालासोपारा-पेल्हर इलाके में फ्लाईओवर के नीचे सर्विस रोड की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। यहां प्लास्टिक बैग, पैकेजिंग सामग्री, घरेलू कचरा और सड़ता हुआ मलबा जमा होने की बात सामने आई है।

बारिश के कारण कचरे से दुर्गंध फैलने और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की शिकायत स्थानीय नागरिकों ने की है। उनका कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर पड़ा कचरा आसपास तक फैल जाता है। नागरिकों ने वसई-विरार शहर महानगरपालिका और हाईवे अथॉरिटी से तत्काल सफाई तथा अवैध डंपिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कंक्रीटीकरण के बाद भी सड़क खराब

एनएचएआई की ओर से करीब दो साल पहले वसईवा ब्रिज से विरार जंक्शन तक कंक्रीटीकरण कराया गया था। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि निर्माण की गुणवत्ता खराब होने के कारण कई जगह कंक्रीट की परतें अपेक्षाकृत कम समय में उखड़ने लगीं।

वसई फाटा, ससुनावघर, मालजीपाड़ा रेलवे पुल और बापाने फाटा के आसपास गड्ढों और टूटे कंक्रीट पैनलों की शिकायतें सामने आई हैं। वाहन चालक इन गड्ढों से बचने की कोशिश में अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

8 महीने में 81 मौतों का आंकड़ा

मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच इस मार्ग पर हुए सड़क हादसों में 81 लोगों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा हाईवे पर सड़क सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

स्थानीय राहगीर नीतीश दुबे ने सवाल उठाया कि जब हाईवे पर टोल वसूला जा रहा है तो सड़क की हालत सुधारने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं। वहीं बहुजन विकास आघाडी के नगरसेवक अरशद चौधरी ने भी प्रशासन से सड़क और सर्विस रोड की स्थिति सुधारने की मांग की है।

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एनएचएआई ने शुरू कराया मरम्मत का काम

मामले पर एनएचएआई NHAI के परियोजना प्रबंधक सुहास चिटनिस ने कहा कि क्षतिग्रस्त कंक्रीट पैनलों की मरम्मत का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाईवे के रखरखाव में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत और कचरा हटाने की कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।

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