

Chandrapur Highway News: “राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास के साथ स्थानीय नागरिकों और किसानों के हितों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। राजमार्ग निर्माण के कारण किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए,” यह स्पष्ट निर्देश सांसद प्रतिभा धानोरकर ने दिए।हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर सांसद प्रतिभा धानोरकर ने राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और प्रभावित नागरिकों के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की थी। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद बामणी से राजुरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे सर्विस रोड और पुल निर्माण कार्य का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सांसद धानोरकर के संज्ञान में आया कि निर्माणाधीन पुल की ऊंचाई निर्धारित स्तर से अधिक होने के कारण स्थानीय किसानों को अपने खेतों तक आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर मौजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और किसानों की आवाजाही में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए तत्काल आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए।
सांसद धानोरकर ने कहा, “सड़क और पुलों का विकास जनता की सुविधा के लिए किया जाता है। लेकिन यदि निर्माण कार्य के कारण अन्नदाता को ही परेशानी उठानी पड़े तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था तलाशकर किसानों की आवाजाही सुचारु करे।”
इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से प्रभावित किसानों की समस्याओं, सर्विस रोड तथा पुल निर्माण से होने वाली असुविधाओं पर भी चर्चा की गई। सांसद ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों के दौरान स्थानीय नागरिकों की सुविधा और किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए तथा समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए। निरीक्षण एवं बैठक के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष तथा पूर्व विधायक सुभाष धोटे, नगराध्यक्ष अरुण धोटे, उपविभागीय अधिकारी रवींद्र माने, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण कुमार बीजेवार, जी।आर। इंफ्रा के अधिकारी गिरीश खंडेलवाल, जूनियर इंजीनियर वाढी, कृषि उपज बाजार समिति के सभापति संतोष इंदूरवार, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष शंतनू धोटे, राजुरा कांग्रेस तालुकाध्यक्ष रंजन लांडे, शहराध्यक्ष एवं पूर्व नगरसेवक हरजीतसिंग संधु, बल्लारपुर कांग्रेस के पापा आर्या, पूर्व नगराध्यक्ष रमेश नले, नगरसेवक सिद्धार्थ पथाडे सहित नगर परिषद के सभापति व नगरसेवक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी, स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में नागरिक और प्रभावित किसान उपस्थित थे।