मुंबई: राघव चड्ढा के घर के बाहर 'आप' का जोरदार विरोध; गद्दार के नारों के बीच 8 कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज

Raghav Chadha Mumbai Protest: मुंबई में राघव चड्ढा के घर के बाहर AAP कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन। पुलिस ने 8 लोगों पर दर्ज किया केस। सांसदों के पाला बदलने के बाद बढ़ा राजनीतिक तनाव।
Raghav Chadha Mumbai Protest
Raghav Chadha Mumbai Protest (फोटो क्रेडिट-X)
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Raghav Chadha Protest: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसदों की हालिया बगावत के बाद महाराष्ट्र से लेकर पंजाब तक राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मुंबई में राघव चड्ढा के आवास के बाहर आप कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। जानकारी के मुताबिक, खार पुलिस स्टेशन ने इस मामले में 8 से अधिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चड्ढा के खिलाफ "गद्दार" जैसे नारे लगाए और भारी हंगामा किया।

यह विरोध प्रदर्शन उस समय शुरू हुआ जब राघव चड्ढा ने सात अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। चड्ढा ने अपनी ही पुरानी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो पार्टी भ्रष्टाचार मिटाने के संकल्प के साथ बनी थी, वह अब खुद भ्रष्ट हो चुकी है। चड्ढा के मुताबिक, वह पिछले एक साल से पार्टी की गतिविधियों से केवल इसलिए दूर थे क्योंकि वह गलत कामों और समझौतों का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे।

पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं

मुंबई पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में लिया। खार पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 189(3), और 223 के साथ-साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी हिरासत में लिए गए लोगों को नोटिस जारी कर रिहा कर दिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की आगे की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है।

हरभजन सिंह के घर पर भी प्रदर्शन

विरोध की यह लहर केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। शनिवार (25 अप्रैल) को पंजाब के जालंधर में भी आप कार्यकर्ताओं ने क्रिकेटर से नेता बने हरभजन सिंह के घर के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के घर के बाहर "गद्दार" लिख दिया और जमकर नारेबाजी की। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि जनता का भरोसा तोड़ने वाले सांसदों को इसका जवाब देना होगा।

आम आदमी पार्टी के भीतर आए इस बड़े भूचाल ने आने वाले चुनावों से पहले विपक्षी एकता और पार्टी की अंदरूनी मजबूती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, बीजेपी में शामिल हुए सांसदों का कहना है कि उन्होंने देशहित और अपनी नैतिकता के चलते यह फैसला लिया है।

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