'मैंने केजरीवाल को दी थी चेतावनी', BJP में शामिल होने वाले AAP सांसद का बड़ा दावा; ये है पार्टी में फूट की वजह

Aam Aadmi Party: आम आदमी पार्टी के पूर्व सांसद विक्रम साहनी ने दावा किया कि केजरीवाल को इस बात का बिल्कुल भी भरोसा नहीं था कि संगठन की कमान संभालने वाले संदीप पाठक भी पार्टी का साथ छोड़ सकते हैं।
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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Split in Aam Aadmi Party: आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सांसद विक्रम साहनी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि उन्होंने इस सामूहिक इस्तीफे से पहले अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर उन्हें चेतावनी दी थी। साहनी के अनुसार, उन्होंने केजरीवाल को स्पष्ट कर दिया था कि यदि एक-दो सांसद भी पार्टी छोड़ते हैं, तो दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा आसानी से पूरा हो जाएगा और पार्टी में बड़ी टूट होगी।

एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में साहनी ने दावा किया कि केजरीवाल को इस बात का बिल्कुल भी भरोसा नहीं था कि संगठन की कमान संभालने वाले संदीप पाठक भी पार्टी का साथ छोड़ सकते हैं। साहनी ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि पाठक और अन्य प्रमुख नेता भाजपा का रुख कर रहे हैं, तो उन्होंने भी पंजाब के हितों को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया।

आम आदमी पार्टी में राघव चड्ढा की अंदेखी!

साहनी ने पीटीआई से बातचीत के दौरान सांसदों के असंतोष की मुख्य वजह पार्टी के भीतर राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे दिग्गजों की अनदेखी को बताया। उन्होंने कहा कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले इन नेताओं को पिछले कुछ समय से दरकिनार कर दिया गया था। दिल्ली चुनाव में हार के बाद एक नई टीम ने कमान संभाली, जिससे पुराने वफादारों में निराशा बढ़ती गई। विशेषकर राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। साहनी का मानना है कि इन प्रमुख रणनीतिकारों के साथ हुए व्यवहार ने अन्य सांसदों के मन में भी यह डर पैदा कर दिया कि वे अब पंजाब की सेवा उस ढंग से नहीं कर पाएंगे जैसे उन्हें करनी चाहिए।

केजरीवाल पर स्वाति मालीवाल के आरोप

वहीं, आम आदमी पार्टी से बगावत कर भाजपा में शामिल हुईं स्वाति मालीवाल ने भी अपनी पूर्व पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मालीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से पूरी तरह भटक चुकी है और अरविंद केजरीवाल अब वैसे नेता नहीं रहे जो आंदोलन के समय हुआ करते थे। उन्होंने अपने साथ हुई मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए दुख जताया कि जिस पार्टी के लिए उन्होंने सात साल झुग्गियों में बिताए और करियर दांव पर लगाया, उसी पार्टी ने उनके साथ हुए अन्याय पर चुप्पी साध ली और उन्हें ही दबाने की कोशिश की।

AAP और स्वाति मालीवाल का विवाद

स्वाती मालीवाल ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करने की इच्छा जताई है। गौरतलब है कि स्वाति मालीवाल का काफी लंबे समय से आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के साथ विवाद चल रहा था। हालांकि, भाजपा में शामिल होने से पहले तक वह आम आमदी पार्टी की राज्यसभा सांसद थीं। अब राघव चड्ढा के साथ उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन धाम लिया है।

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