मुंबई में MUTP-4 के तहत 2047 तक की रेल कनेक्टिविटी का मास्टर प्लान तैयार, 40 स्टेशनों के सुधार पर होगा काम

Mumbai Railway News: MRVC ने मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP-4) के तहत 2047 तक की रेल जरूरतों का अध्ययन शुरू किया है। इसमें 'मिशन जीरो डेथ' और 40 स्टेशनों का सुधार शामिल है।
Mumbai: Master plan for rail connectivity up to 2047 prepared under MUTP-4
मुंबई रेलवे विकास सोर्स- सोशल मीडिया
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MUTP-4 Mumbai Rail Master Plan: मुंबई की उपनगरीय रेल व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक विस्तार देने के लिए मुंबई रेलवे विकास कॉरपोरेशन ने मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट फेज-4 की व्यापक तकनीकी सहायता स्टडी शुरू की है।

इसमें 2030, 2035, 2040 और 2047 तक की यात्री मांग का आकलन कर नई रेल लाइन, मौजूदा कॉरिडोर के विस्तार, क्षमता वृद्धि, सुरक्षा और स्टेशनों के आधुनिकीकरण की योजनाएं तैयार की जाएंगी।

स्टडी में उपनगरीय और मेनलाइन ट्रैफिक को अलग करने, फास्ट और स्लो लोकल के लिए अतिरिक्त लाइनें, 15-कार लोकल के लिए प्लेटफॉर्म विस्तार और अधिक यात्री मांग वाले स्थानों पर नए टर्मिनल की संभावनाएं जांची जाएंगी।

नैना और केएससी न्यू टाउन जैसे नए विकास केंद्रों को भी भविष्य की रेल कनेक्टिविटी में शामिल किया जाएगा।

'मिशन जीरो डेथ' पर होगा अध्ययन

सुरक्षा को एमयूटीपी-4 की प्राथमिकता बनाया गया है। 'मिशन जीरो डेथ' के तहत यात्री मौत और चोट के आंकड़ों, ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश और स्टेशनों व मध्य खंडों में ट्रेसपास की समस्या का अध्ययन होगा। स्टेशनों पर एक्सेस कंट्रोल की व्यवहार्यता भी जांची जाएगी।

शेष 40 उपनगरीय स्टेशनों का किया जाएगा आंकलन

स्टेशन सुधार के तहत करीब 40 शेष उपनगरीय स्टेशनों का आकलन किया जाएगा। इसमे प्लेटफॉर्म विस्तार, एफओबी, डेक, एस्केलेटर, लिफ्ट, प्रवेश-निकास और अन्य परिवहन साधनों से बेहतर इंटरमोडल कनेक्टिविटी शामिल होगी।

Mumbai: Master plan for rail connectivity up to 2047 prepared under MUTP-4
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एमयूटीपी-4 में क्या-क्या

  • 2047 तक यात्री मांग का आकलन

  • नई रेल लाइन और कॉरिडोर

  • मेनलाइन-उपनगरीय ट्रैफिक का पृथक्करण

  • 12 और 15-कार लोकल का अनुकूलन

  • अतिरिक्त एसी ईएमयू

  • कवच 5.0 और सीबीटीसी

  • करीब 40 स्टेशनों का सुधार

  • 'मिशन जीरो डेथ' के तहत सुरक्षा उपाय

  • नैना और मुंबई 3.0 से रेल कनेक्टिविटी

  • चयनित परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करना

इनका होगा परीक्षण

तकनीकी स्तर पर कवच 5.0, बेहतर सिग्नलिंग, सीबीटीसी, अतिरिक्त एसी ईएमयू, बिजली आपूर्ति, स्टेबलिंग लाइन और ईएमयू मेंटेनेंस सुविधाओं का भी परीक्षण होगा। प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार किए जाएंगे।

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