

MPSC Staff Protest Security Demand: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के सचिव महेंद्र हरपालकर के साथ 11 सितंबर को हुए कथित गैरवर्तन के विरोध में आयोग के अधिकारी और कर्मचारियों ने काम बंद आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों ने शासन से सुरक्षा की ठोस और प्रभावी गारंटी मिलने तक आंदोलन जारी रखने की भूमिका स्पष्ट की है।
अधिकारी-कर्मचारियों ने कहा कि महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग संवैधानिक संस्था है और सचिव उसके प्रशासनिक प्रमुख हैं। इसलिए उनके साथ हुई घटना गंभीर है। संबंधित लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने धमकी भरे बयानों से भय का माहौल बनने का भी दावा किया है।
कर्मचारियों ने कहा कि MPSC परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी को लेकर उम्मीदवारों में नाराजगी को वे समझते हैं। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उचित है। हालांकि, किसी एक व्यक्ति की गलती के लिए सभी कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना और जांच से पहले व्यक्तिगत आरोप लगाना अन्यायपूर्ण है।
इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) गुट के विधायक रोहित पवार ने ऑनलाइन MPSC परीक्षा कराने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऑनलाइन परीक्षा केवल एक साल तक नहीं, बल्कि सैकड़ों वर्षों तक भी नहीं होने दी जाएगी।
रोहित पवार ने कहा कि परीक्षा पद्धति को लेकर विद्यार्थियों के मन में कई तरह की आशंकाएं और चिंताएं हैं, जिन्हें सरकार और संबंधित समिति को गंभीरता से समझना चाहिए।
उन्होंने सरकार से अपील की कि परीक्षा प्रणाली में बदलाव का निर्णय लेने से पहले विद्यार्थियों की भावनाओं और उनकी मांगों पर विचार किया जाए। साथ ही, उन्होंने समिति से भी छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की।