

मुंबई, मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाने वाली एंबुलेंस की फिटनेस और सुरक्षा को लेकर मुंबई आरटीओ की जांच में गंभीर खामियां सामने आई हैं। जनवरी से अगस्त के बीच मुंबई के चार आरटीओ कार्यालयों के तहत 427 एंबुलेंस का निरीक्षण किया गया।
इनमें 82 एंबुलेंस नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं। इन मामलों में 79 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। बताया गया कि उल्लंघन के मामलों में वडाला सबसे आगे रहा।
मुंबई सेंट्रल, अंधेरी, वडाला और बोरीवली आरटीओ के अंतर्गत कुल 1,498 एंबुलेंस पंजीकृत हैं। अंधेरी आरटीओ ने सबसे अधिक 237 एंबुलेंस की जांच की, जिनमें 22 में खामियां मिलीं। इन पर 46 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं, वडाला में 140 एंबुलेंस की जांच में सबसे अधिक 36 उल्लंघन सामने आए और 13 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया।
मुंबई सेंट्रल आरटीओ ने 25 एंबुलेंस की जांच में 12 उल्लंघन पाए और 20 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया। बोरीवली में भी 25 एंबुलेंस की जांच में 12 उल्लंघन मिले। हालांकि, यहां लगाए गए जुर्माने की राशि उपलब्ध नहीं है। आंकड़ों के अनुसार जांच की गई लगभग हर पांचवीं एंबुलेंस में नियमों का उल्लंघन मिला।
रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस की जांच में केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि एंबुलेंस की वास्तविक स्थिति भी देखी जाती है। इसमें वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, पीयूसी, परमिट और चालक का लाइसेंस जांचा जाता है। इसके अलावा एआईएस-125 मानकों के तहत वाहन की संरचना और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता देखी जाती है।
ऑक्सीजन, स्ट्रेचर, प्राथमिक इलाज सामग्री, सायरन और आपातकालीन लाइट के साथ ब्रेक, टायर, लाइट और इंडिकेटर भी जांचे जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार खराब उपकरण या सुरक्षा संबंधी खामी मरीजों के साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी खतरा बन सकती है।