मुझे माफ करो... कुणाल ने आखिरी कॉल में क्या कहा था? खवड्या पहाड़ी मामले में मौसी ने खोला पारिवारिक कलह का राज

Sambhajinagar Khawadya Pahadi Case: खवड्या पहाड़ी मामले में नया मोड़ आया है। कुणाल ने अपनी आखिरी कॉल में मुझे माफ करो क्यों कहा था? मौसी ने पारिवारिक कलह को लेकर बड़े राज खोले हैं।
kunal last call sambhajinagar khawadya pahadi case aunt reveals family dispute
कुणाल और उसका परिवार(सोर्स: एआई फोटो)
Published on
Updated on

Kunal Last Call Khawadya Pahadi Case: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के खवड्या डोंगर इलाके में हुई कुणाल चांदगुडे की दुखद मौत के मामले में एक बेहद संवेदनशील और बड़ा मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ रही थीं कि कुणाल ने आईफोन न मिलने के कारण आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया।

लेकिन अब कुणाल की मौसी कल्याणी परडे ने मीडिया के सामने आकर इन सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। मौसी ने कुणाल के आखिरी फोन कॉल और उनके परिवार के भीतर चल रहे गंभीर विवादों का खुलासा कर सबको चौंका दिया है।

आखिरी कॉल में क्या बोला था कुणाल?

कल्याणी परडे ने कुणाल के साथ हुए अपने आखिरी संवाद के बारे में बताते हुए कहा कि घटना के वक्त अचानक उनका फोन आया था। उस आखिरी कॉल पर कुणाल ने बेहद भावुक होकर अपनी मौसी से कहा था, मुझे माफ करो, मैं ऐसा करने जा रहा हूं।

मौसी ने बताया कि कुणाल अपने माता-पिता के बीच चल रहे लगातार झगड़ों और पारिवारिक कलह के कारण मानसिक रूप से बहुत अधिक त्रस्त और परेशान था। वह सिर्फ इतना चाहता था कि उसके पिता वापस घर आ जाएं और उनके साथ रहें, लेकिन उसके पिता घर लौटने को तैयार नहीं हो रहे थे।

kunal last call sambhajinagar khawadya pahadi case aunt reveals family dispute
लव स्टोरी के चक्कर में लीक हुआ MPSC का पेपर! बॉयफ्रेंड ने निकालवाया था FDA ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पर्चा

आईफोन की अफवाह झूठी, पैसों की कोई कमी नहीं थी

मौसी कल्याणी ने साफ किया कि कुणाल ने आईफोन के लिए आत्महत्या नहीं की है। उन्होंने बताया कि यह कोई पैसों की तंगी या किसी महंगे शौक की जिद का मामला नहीं था, क्योंकि परिवार के पास पैसों की कोई कमी नहीं थी।

उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना केवल एक दुखद दुर्घटना थी। कुणाल के पिता भले ही उनके साथ नहीं रह रहे थे, लेकिन वे अपने बच्चों से बेहद प्यार करते थे और कुणाल को किसी भी तकलीफ में नहीं देख सकते थे। अगर कुणाल को कुछ भी होता तो उसके पिता खुद अपनी जान दे देते, वे उससे इतना स्नेह करते थे।

साल 2025 की घटना और पुराना सच

इससे पहले भी ऐसी चर्चाएं थीं कि कुणाल पहले भी खुदकुशी करने के इरादे से खवड़्या पहाड़ी पर गया था। इस पर कल्याणी परडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि साल 2025 में वह आत्महत्या के इरादे से नहीं, बल्कि केवल घूमने के लिए पहाड़ी पर गया था। वह उस समय किसी बात को लेकर दुखी जरूर था और उसने अपनी मां को बकायदा मेसेज भेजकर बताया था कि, मां, मैं थोड़ा परेशान हूं, मुझे थोड़ा स्पेस चाहिए। मैं शाम तक वापस घर लौट आऊंगा।

लेकिन उसकी मां ने वह संदेश समय पर नहीं देखा और इकलौता बेटा होने के कारण घबराकर पुलिस स्टेशन पहुंच गई। बाद में रात 11 बजे चिखलठाणा पुलिस ने वह मैसेज देखा था, जिसके बारे में आज भी पुलिस रिकॉर्ड से तस्दीक की जा सकती है।

kunal last call sambhajinagar khawadya pahadi case aunt reveals family dispute
महाराष्ट्र में 4,700 करोड़ का ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट अडानी के नाम! जानें सातारा, पुणे और MMR का कैसे होगा फायदा

आत्महत्या नहीं, माता-पिता को करीब लाने की थी कोशिश

मौसी कल्याणी परडे का मानना है कि कुणाल इस बार भी अपनी जान नहीं लेना चाहता था, बल्कि वह केवल एक भावनात्मक दबाव बनाकर अपने अलग हो चुके माता-पिता को फिर से एक साथ लाना चाहता था।

वहीं, कुणाल की मां संगीता चांदगुडे के यूट्यूब पर वीडियो बनाने के मामले पर मौसी ने उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि संगीता अपने ससुराल वालों से बेहद नाराज थीं। पति के घर छोड़कर जाने और वापस न लौटने से वे लगातार तनाव में थीं। उनके बीच बातचीत का कोई जरिया नहीं बचा था, इसलिए उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए यूट्यूब को एक माध्यम बनाया था, जो कि 20 साल तक साथ रहने के बाद उनका अधिकार था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com