MMRDA का फैसलाः मेट्रो-9 से जुड़ेंगे 7 नए फुट ओवर ब्रिज, मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन से मेट्रो सफर होगा आसान

MMRDA के माध्यम से मेट्रो-9 को जोड़ने वाले 7 नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इससे दहिसर पूर्व से मीरा-भाईंदर तक के मेट्रो यात्रियों की यात्रा सुरक्षित, सुविधाजनक और सुलभ होगी।
MMRDA Metro 9 Multi Modal Integration mumbai metro
मीटिंग के दौरान MMRDA आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी (सोर्सः फाइल फोटो)
Published on
Updated on

MMRDA Metro Multi Modal Integration: लगभग 11 किलोमीटर लंबे और 8 स्टेशनों वाले इस मेट्रो कॉरिडोर पर बनाए जाने वाले ये फुट ओवर ब्रिज एमएमआरडीए की मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) पहल का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य यात्रियों को मेट्रो स्टेशनों तक सुरक्षित, सुविधाजनक और निर्बाध पहुंच उपलब्ध कराना है।

योजना को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व व उपमुख्यमंत्री एवं एमएमआरडीए के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन तथा महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव एवं एमएमआरडीए की 287 वीं कार्यकारी समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुआ बैठक में यह निर्णय लिया गया। एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी के मार्गदर्शन एवं देखरेख में इस परियोजना को मंजूरी प्रदान की गई है।

मेट्रो लाइनों 2 ए और 7 के लिए लागू की गई मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन पहलों के आधार पर, एमएमआरडीए ने मेट्रो लाइन 9 के लिए भी इसी प्रकार की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। फुट ओवर ब्रिजों के प्रस्तावित स्थान में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे का दहिसर टोल नाका पर 145 मीटर का एफओबी बनेगा।

इसी तरह मिरागांव में 87 मीटर, मीरा-भाईंदर रोड के काशीगांव में 92 मीटर, शिवार गार्डन में 80 मीटर, मैक्सस मॉल के पास 83 मीटर,वेज सागर होटल के पास 88 मीटर और साई बाबा नगर में 80 मीटर का एफओबी बनाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी फुट ओवर ब्रिजों में दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य यात्रियों के लिए लिफ्ट सुविधा व सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था होगी।

सभी प्रस्तावित फुट ओवर ब्रिजों की चौड़ाई 3 मीटर होगी। इनसे मेट्रो और अन्य परिवहन सेवाओं के बीच बेहतर एकीकरण होगा। लास्ट माइल कनेक्टिविटी मजबूत होने से मेट्रो उपयोग में वृद्धि होगी।

अंतिम चरण में मेट्रो 9

मेट्रो लाइन-9 का निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है। इसका पहला चरण 7 अप्रैल 2026 को शुरू किया जा चुका है। पूर्ण मेट्रो संचालन शुरू होने से पहले ही नागरिकों को सुरक्षित पैदल यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एमएमआरडीए इन फुट ओवर ब्रिजों के निर्माण को प्राथमिकता दे रहा है।

82.09 करोड़ रुपये की लागत

इस परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए मैसर्स स्पेको इंफ्रास्ट्रक्चर जेवी- मैसर्स पीआरएस इंफ्राप्रोजेक्ट्स एलएलपी को टेंडर मंजूर किया गया है। लगभग 82.09 करोड़ रुपये की लागत से इन सात फुट ओवर ब्रिजों का निर्माण किया जाएगा। सीएम देवेंद्र फडणवीस के अनुसार मुंबई के मेट्रो नेटवर्क का विस्तार जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही आवश्यक यह सुनिश्चित करना भी है कि नागरिक इन सेवाओं तक सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से पहुंच सकें। मेट्रो लाइन-9 पर विकसित किए जा रहे ये फुट ओवर ब्रिज इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

उपमुख्यमंत्री एवं MMRDA के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे के अनुसार किसी भी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की सफलता केवल उसके बुनियादी ढांचे पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करती है कि लोग उसे कितनी आसानी और सुरक्षा के साथ उपयोग कर पाते हैं। मेट्रो लाइन-9 के साथ विकसित किए जा रहे ये फुट ओवर ब्रिज यात्रियों की सुरक्षा और लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे।

आधुनिक शहरी परिवहन नियोजन में मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन

MMRDA के आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि आधुनिक शहरी परिवहन नियोजन में मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन की महत्वपूर्ण भूमिका है। मेट्रो लाइन-9 के साथ प्रस्तावित फुट ओवर ब्रिजों की योजना यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही, स्टेशनों तक आसान पहुंच और स्टेशन परिसरों में बेहतर यात्री प्रबंधन को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

डॉ मुखर्जी ने कहा कि MMRDA नागरिकों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और निर्बाध यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ मुंबई महानगर क्षेत्र की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com