

Nashamukt Maharashtra Strategy Devendra Fadnavis Review: महाराष्ट्र और खासकर मुंबई एमएमआर में नशीले जहर यानी मादक पदार्थों की तस्करी एक बड़ी समस्या बन गई है। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की तमाम कोशिशों के बाद भी करोड़ों रुपए की ड्रग्स तस्कर लगातार तस्करी करके लाई जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार अब सीधे ड्रग्स के कारोबार की जड़ पर प्रहार की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने गुरुवार को प्राकृतिक और कृत्रिम दोनों प्रकार के मादक पदार्थों के उत्पादन, तस्करी और कारोबार से जुड़ी पूरी आर्थिक व्यवस्था को जड़ से खत्म करने के निर्देश दिए।
सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित 'नशामुक्त महाराष्ट्र' रणनीति एवं कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सशक्त महाराष्ट्र के निर्माण के लिए नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन बनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने सातवीं से दसवीं कक्षा के
पाठ्यक्रम में मादक पदार्थों के दुष्परिणामों को शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों को नशामुक्त परिसर घोषित करने के लिए नियमावली बनाने तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से राज्यभर में नशा मुक्ति केंद्रों की श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए। मुंबई शहर में बहु विषयक नशा मुक्ति केंद्र शुरू करने और सरकारी अस्पतालों में भी ऐसी सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। एनडीपीएस कानून के तहत मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित करने तथा सरकारी वकीलों को विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए। उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और गोपनीय सूचना देने वाले नागरिकों के लिए पुरस्कार योजना लागू करने की बात भी कही।