Mumbai Metro Line 9: दहिसर-मीरा मेट्रो का इंतजार अब अंतिम दौर में पहुंच गया है, इससे इस परियोजना का काउंटडाउन शुरू हो गया है। मेट्रो लाइन-9 के पूरे 10.5 किलोमीटर कॉरिडोर में बिजली आपूर्ति शुरू होने के साथ परियोजना ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है।
अब शेष चार स्टेशन भी जल्द नेटवर्क से जुड़ने की तैयारी में हैं। तकनीकी परीक्षण और ट्रायल रन के बाद अगले दो से तीन महीनों में पूरी लाइन पर मेट्रो सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
पूरी लाइन शुरू होने पर मीरा-भाईंदर और मुंबई के पश्चिम उपनगर के बीच कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट मिलेगा। इससे यात्रियों का सफर अधिक तेज, सुगम और सुविधाजनक हो जाएगा।
एमएमआरडीए ने 29 जुलाई को काशीगांव और नेताजी सुभाष चंद्र बोस उद्यान स्टेशन के बीच 5.8 किलोमीटर लंबे अंतिम खंड पर ओवरहेड बिजली आपूर्ति शुरू कर दी। इसके साथ ही पूरे 10.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का विद्युतीकरण पूरा हो गया है।
अब अगले 10 से 15 दिनों में ओवरहेड उपकरण, ट्रैक्शन पावर सिस्टम और अन्य विद्युत अवसंरचना का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। परीक्षण सफल रहने पर इसी खंड पर मेट्रो ट्रेनों का ट्रायल रन शुरू होगा।
वर्तमान में लाइन-9 का पहला चरण दहिसर पूर्व से काशीगांव तक 4.7 किलोमीटर के हिस्से में संचालित हो रहा है। इस चरण में दहिसर पूर्व, पांडुरंगवाड़ी, मीरागांव और काशीगांव स्टेशन शामिल हैं।
शेष 5.8 किलोमीटर के हिस्से में साई बाबा नगर, मेड़तिया नगर, शहीद भगत सिंह उद्यान और नेताजी सुभाष चंद्र बोस उद्यान स्टेशन बनाए गए हैं। इन चार स्टेशनों के शुरू होने के बाद पूरा कॉरिडोर यात्रियों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
ट्रायल रन, तकनीकी परीक्षण और मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अगले दो से तीन महीनों में पूरी लाइन पर मेट्रो सेवा शुरू होने की संभावना है।
मार्ग दहिसर पूर्व-मीरा-भाईंदर
कुल लंबाई : 10.5 किमी
कुल स्टेशन : 8
संचालित खंड: 4.7 किमी (4 स्टेशन)
शेष खंड: 5.8 किमी (4 स्टेशन)
नए स्टेशनः साईं बाबा नगर, मेड़तिया नगर, शहीद भगत सिंह उद्यान, नेताजी सुभाष चंद्र बोस उद्यान
अगला चरण: 10-15 दिन में तकनीकी परीक्षण व ट्रायल रन
सेवा शुरू होने की उम्मीद : सीएमआरएस मंजूरी के बाद 2-3 महीनों में
पूरी तरह शुरू होने के बाद यात्री दहिसर पूर्व से नेताजी सुभाष चंद्र बोस उद्यान तक बिना किसी रुकावट के सफर कर सकेंगे।
मेट्रो लाइन-9 का इंटरचेंज मेट्रो लाइन-7 और 2ए से होगा, जिससे मीरा-भाईंदर और मुंबई के पश्चिम उपनगर के बीच आवागमन सुगम होगा।
इससे सड़क यातायात का दबाव कम होने के साथ यात्रा समय में भी कमी आएगी और मीरा-भाईंदर के यात्रियों को हवाई अड्डे तक बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी।