सड़क सुरक्षा पर सख्त हुई ट्रैफिक पुलिस: मीरा-भाईंदर में बढ़ते हादसों पर MBMC, MMRDA और NHAI से मांगा जवाब

Mira Bhayandar Road Accidents: मीरा-भाईंदर में 4 महीनों में 21 हादसों और 7 मौतों के बाद ट्रैफिक पुलिस सख्त। लापरवाही बरतने पर मनपा, एमएमआरडीए और एनएचएआई को कारण बताओ नोटिस जारी।
Mira Bhayandar traffic police issue show-cause notices to MBMC, MMRDA, and NHAI as road accidents double in 4 months due to infrastructure negligence.
सड़क मरम्मत (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mira Bhayandar Road Accident Statistics: मीरा भाईंदर शहर में सड़क निर्माण और अधूरी मरम्मत के बीच बढ़ते हादसों पर यातायात पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष महज 4 महीनों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या दोगुनी हो गई है।

लगातार चेतावनी के बावजूद सड़क मरम्मत और सुरक्षा उपायों में सुधार नहीं होने पर मीरा-भाईंदर यातायात पुलिस ने मीरा भाईंदर मनपा (एमबीएमसी), एमएमआरडीए (एमएमआरडीए) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि सड़क हादसों में लापरवाही के लिए उन्हें आरोपी क्यों न बनाया जाए। ?

शहर में एमएमआरडीए द्वारा मेट्रो निर्माण, एनएचएआई द्वारा मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कंक्रीटीकरण और अन्य कार्य तथा नगर निगम की पाइपलाइन, केबल व विकास परियोजनाओं के कारण कई स्थानों पर खुदाई चल रही है। आरोप है कि कार्य पूरा होने के बाद समय पर सड़क मरम्मत, बैरिकेड हटाने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता गया।

4 महीनों में मीरा-भाईंदर में 21 सड़क दुर्घटनाएं

यातायात पुलिस के अनुसार, पिछले 4 महीनों में मीरा भाईंदर शहर में 21 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 7 लोगों की मौत, 4 लोग गंभीर रूप से घायल और 4 अन्य को मामूली चोटे आईं। जबकि पूरे वर्ष 2025 में 14 दुर्घटनाएं हुई थी, जिनमें 2 लोगों की मौत हुई थी। पुलिस का कहना है कि संबंधित एजेंसियों को कई बार सड़क सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए गए, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

इसी कारण अब एमएमआरडीए, एनएचएआई और नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। पुलिस ने जिन प्रमुख लापरवाहियों की ओर इशारा किया है, उनमें काशीमीरा-दहिसर टोल प्लाजा मार्ग पर मेट्रो निर्माण के दौरान यातायात प्रबंधन की अनदेखी, दिन के व्यस्त समय में निर्माण कार्य कर यातायात प्रभावित करना, कार्य पूरा होने के बाद भी वैरिकेड समय पर नहीं हटाना,

सड़कों के गड्डों की समय पर मरम्मत नहीं करना, सड़क किनारे नालियों के टूटे ढक्कनों को खुला छोड़ना, रात के समय बैरिके पर पर्याप्त रिफ्लेक्टर, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था नहीं करना आदि मुद्दों का समावेश है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि सड़क मरम्मत और सुरक्षा उपायों में जल्द सुधार नहीं किया गया तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

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