

Maharashtra Tree Cutting Rules Ganesh Naik: बिना अनुमति पेड़ काटने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार सख्त हो गई है। वन मंत्री गणेश नाईक ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वृक्षों की सुरक्षा के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि पेड़ काटने की अनुमति प्रक्रिया को डिजिटल व आसान बनाते हुए पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। पुराने और दुर्लभ पेड़ों को बचाने को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। वन मंत्री नाईक गुरुवार को विधानसभा में विधायक संतोष दानवे व अन्य विधायकों द्वारा उठाए गए सवाल पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेड़ काटने की अनुमति प्रक्रिया को अधिक
पारदर्शी, तेज और आसान बनाने के लिए जरूरी फैसले लिए हैं। इस प्रक्रिया में सभी कानूनी और टेक्निकल नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकारी और इंडस्ट्रियल परियोजनाओं के लिए पेड़ काटने की अनुमति देने का समय 15 दिन कर दिया गया है।
प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ऐसी घटनाओं की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच की जाएगी। कानून के तहत काटे गए वृक्षों की जगह नए पेड़ लगाना आवश्यक है। यदि पेड़ नहीं लगाए जाते हैं, तो फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर और ट्री ऑफिसर को संबंधित मालिक या रहने वाले से पेड़ लगाने का खर्च वसूलने का अधिकार है।
वन मंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को देखते हुए पेड़ लगाने की मुहिम चलाई जा रही है। राज्य में पेड़ लगाने की प्रगति को मापने के लिए इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की अत्याधुनिक तकनीक और मशीनरी का इस्तेमाल किया जाएगा। राज्य में पेड़ों की सुरक्षा के लिए खास कदम उठाए जाएंगे। सरकार कम पानी में बांस की खेती को बढ़ावा देने और उससे इथेनॉल बनाने पर भी विचार कर रही है।