मुंबई में शर्मनाक: राशन कार्ड बनवाने गई नाबालिग से गैंगरेप, तिलकनगर पुलिस ने 2 दरिंदों को किया गिरफ्तार

Tilak Nagar Mumbai Gangrape Case: मुंबई के तिलकनगर में राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के बहाने नाबालिग से गैंगरेप हुआ। पुलिस ने दो परिचित आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
Tilak Nagar Mumbai Gangrape Case
Tilak Nagar Mumbai Gangrape Case प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
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Minor Raped in Chembur POCSO Act: मुंबई के तिलकनगर इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक जघन्य वारदात सामने आई है। राशन कार्ड में नाम जुड़वाने जैसे मामूली सरकारी काम में मदद के बहाने एक नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पीड़िता के परिचित थे और उन्होंने उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया। यह घटना पिछले महीने घटित हुई थी, लेकिन आरोपियों की धमकी और डर के कारण पीड़िता चुप रही। आखिरकार 13 मार्च 2026 को किशोरी ने हिम्मत जुटाकर तिलकनगर पुलिस स्टेशन में अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नूरुद्दीन आफताब अजीमुद्दीन सैयद आजमी (55) और अनीस अहमद तौफीक चौधरी (47) के रूप में हुई है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने पहले भी अन्य महिलाओं या बच्चियों को इसी तरह सरकारी काम का झांसा देकर अपना शिकार बनाया है।

मदद के बहाने सुनसान जगह ले जाकर वारदात

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता की बड़ी बहन को अपने राशन कार्ड में नाम जुड़वाना था। चूंकि आरोपी परिवार का परिचित था, इसलिए उसने मदद करने का आश्वासन दिया था। घटना वाले दिन बड़ी बहन के बेटे की तबीयत खराब थी, इसलिए उसने अपने बदले अपनी नाबालिग छोटी बहन को जरूरी दस्तावेजों के साथ आरोपी के पास भेज दिया। नाबालिग को अकेला पाकर आरोपियों की नीयत डोल गई। वे उसे चेंबूर के छेड़ा नगर बस स्टॉप के पास एक सुनसान जगह पर ले गए और वहां उसके साथ सामूहिक दुराचार किया।

धमकी के साये में एक महीना गुजरी पीड़िता

नाबालिग से गैंगरेप को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने नाबालिग को डराया और धमकाया कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया तो इसके 'गंभीर परिणाम' भुगतने होंगे। आरोपियों के खौफ और सामाजिक लोक-लाज के डर से किशोरी ने करीब एक महीने तक इस दर्द को अपने भीतर दबाए रखा। हालांकि, मानसिक प्रताड़ना बढ़ने पर उसने अपने परिवार को सूचित किया और 13 मार्च को कानून की मदद लेने का फैसला किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो - POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस की सतर्कता और आगे की जांच

तिलकनगर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है। चेंबूर और तिलकनगर के उन इलाकों की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी खंगाली जा रही है जहां आरोपियों ने किशोरी को ले जाने का दावा किया है। पुलिस आयुक्त कार्यालय ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं ताकि समाज में इस तरह के अपराधियों के बीच कड़ा संदेश जा सके।

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