Palghar: नेशनल हाइवे पर दर्दनाक हादसा, कार की टक्कर से युवा जैन भिक्षु मुनिराज नम्ररत्न महाराज का निधन

Jain Monk Death Mumbai Ahmedabad Highway: मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर सड़क दुर्घटना में 21 वर्षीय जैन भिक्षु नम्ररत्न विजय महाराज की मृत्यु हो गई है। पुलिस ने ट्रक और कार चालक पर केस दर्ज किया।
Namraratna Vijay Maharaj Accident
Namraratna Vijay Maharaj Accident (फोटो क्रेडिट-X)
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Namraratna Vijay Maharaj Accident: मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक हृदयविदारक दुर्घटना में युवा जैन भिक्षु मुनिराज नम्ररत्न विजय महाराज (21 वर्ष) का असामयिक निधन हो गया है। रविवार की सुबह भालीवली गांव के पास हुई इस घटना ने पूरे जैन समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। मुनिराज अपने साथियों के साथ पैदल तीर्थयात्रा (विहार) पर निकले थे, तभी पीछे से आ रही एक अनियंत्रित कार ने उन्हें टक्कर मार दी। मूल रूप से गुजरात के निवासी मुनिराज नम्ररत्न महाराज ने 2020 में दीक्षा ली थी और संयोगवश उनकी दीक्षा के 6 वर्ष पूर्ण होने के ठीक एक दिन बाद यह दुखद हादसा हुआ।

घटना सुबह करीब 5:15 बजे की है, जब भिक्षु सफाले से विरार की ओर विहार कर रहे थे। मांडवी पुलिस के अनुसार, राजमार्ग पर गुजरात की ओर से आ रहे एक ट्रक ने तेज रफ्तार कार को पीछे से टक्कर मारी, जिससे कार चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित कार सीधे पैदल चल रहे मुनिराज से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि अस्पताल ले जाने के दौरान मुनिराज ने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने दर्ज किया लापरवाही का मामला

मांडवी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रणजीत अंधाले ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार चालक आकाश ईश्वर आनंदवार (निवासी मानखुर्द) और ट्रक चालक राजू सिंह तोमर (निवासी सूरत) के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दोनों चालकों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु) और 281 के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने दोनों को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है।

विहार के दौरान सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद जैन समुदाय में गहरा शोक और आक्रोश है। समुदाय के सदस्यों ने राजमार्गों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति और पैदल चलने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। वसई के जैन संघ के सदस्यों ने प्रशासन से मांग की है कि भिक्षुओं के विहार के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मुनिराज नम्ररत्न महाराज धर्मसूरी संप्रदाय से जुड़े थे और अपने शांत स्वभाव व धर्मनिष्ठा के लिए जाने जाते थे।

चालकों की लापरवाही बनी मौत का कारण

प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह हादसा पूरी तरह से मानवीय लापरवाही का नतीजा था। पुलिस निरीक्षक अंधाले के अनुसार, ट्रक चालक द्वारा कार को पीछे से मारी गई टक्कर ने पूरी श्रृंखला शुरू की, जिसके कारण कार भिक्षु पर चढ़ गई। पुलिस अब घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है ताकि दुर्घटना के सटीक क्रम को समझा जा सके। जैन समुदाय ने मुनिराज के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक स्थान ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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