

Mumbai Metro Projects Loan Approval: मुंबई की मेट्रो परियोजनाओं को रफ्तार का डोज देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा वित्तीय कदम उठाया है। इसके तहत पांच रूटों के लिए कुल 832.51 करोड़ रुपए के कर्ज को मंजूरी दी है। इसमें मेट्रो मार्ग-4 व 4अ के लिए केएफडब्ल्यू बैंक से 666.03 करोड़ रुपए, जबकि मार्ग-23, 2ब और 7 के लिए न्यू डेवलपमेंट बैंक से 166.48 करोड़ रुपए की राशि एमएमआरडीए को वितरित की जाएगी।
दोनों अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से मिलने वाली यह राशि संबंधित मेट्रो परियोजनाओं के लिए मंजूर कर्ज के तहत दी जा रही है। इससे पांचों मार्गों से जुड़ी परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे और कामों को गति मिलने की उम्मीद है। शुक्रवार को जारी जीआर में राज्य सरकार के नगर विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो मार्ग 4 व 4अ की परियोजनाओं में वडाला-घाटकोपर-और मुलुंड-ठाणे-कासारवडवली कासारवडवली से गायमुख मार्ग शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के लिए केएफडब्ल्यू बैंक से कुल 345 मिलियन यूरो यानी 3,788 करोड़ रुपए का कर्ज मंजूर है। इस कर्ज में से 666.0341 करोड़ रुपए की राशि पहली बार एमएमआरडीए को वितरित की जा रही है। कर्ज की अदायगी 2040 तक कुल 31 छमाही किस्तों में की जानी है। कर्ज पर ब्याज और विलंब से संबंधित शुल्क की शर्तें केएफडब्ल्यू बैंक के साथ हुए करार के अनुसार लागू रहेंगी।
वहीं, मेट्रो मार्ग-2अ, 2ब और 7 के लिए न्यू डेवलपमेंट बैंक से मंजूर कर्ज में से अब तक 1,020.7843 करोड़ रुपए एमएमआरडीए को वितरित किए जा चुके हैं। अब 166.4831 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि वितरित की जाएगी। इसके बाद इन तीनों परियोजनाओं के लिए कुल वितरित कर्ज राशि 1,187.2674 करोड़ रुपए हो जाएगी।
5 रूटों दौड़ेग विका पहिय न्यू डेवलपमेंट बैंक के कर्ज की कुल मंजूर राशि 260 मिलियन डॉलर है, जिसकी अनुमानित भारतीय मुद्रा में राशि 1,814.371 करोड़ रुपए है। मेट्रो मार्ग 23, 24, 4, 41 और 7 के पूरी तरह विकसित होने से मुंबईकरों और ठाणेकरों को शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच तेज और सुगम सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा।
प्रमुख इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होने से रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों का सफर अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित हो सकेगा।
मुंबई मेट्रो मागों के कारण अधिक यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे सड़क मार्ग पर निजी वाहनों और अन्य यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है, परिणामस्वरूप प्रमुख मार्गों पर भीड़भाड़ घटने और दैनिक आवागमन अधिक सुचारु होने का लाभ मुंबईकरों को मिल सकता है।
इन परियोजनाओं से मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और विभिन्न मेट्रो मार्गों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होगी, खासकर इंटीग्रेटेड ग्रीन अर्बन मोबिलिटी से जुड़े निवेश से सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे मुंबईकरों को अधिक सुविधाजनक, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र सरकार ने मीरा-भायंदर को वसई-विरार से जोड़ने वाली 25.03 किलोमीटर लंबी मेट्रो-13 परियोजना की डीपीआर को मंजूरी दे दी है। परियोजना पर 17,724,99 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
इसमें एमएमआरडीए का हिस्सा 593.63 करोड़, राज्य शासन का ब्याजमुक्त अधीनस्थ कर्ज 2,810.36 करोड़ और बाहरी कर्ज 13,293,74 करोड़ रुपए होगा।
16 स्टेशनों वाली इस लाइन का 21.78 किलोमीटर हिस्सा उन्नत और 3.25 किलोमीटर भूमिगत होगा, वसई खाड़ी पर 4.92 किलोमीटर लंबा छह पदरी सड़क-सह-मेट्रो पुल बनेगा। परियोजना 2026 से 2031 तक पूरी करने का लक्ष्य है।