मराठा आरक्षण विवाद गहराया, भाजपा विधायक ने स्पीकर को लिखा पत्र, विशेष सत्र बुलाने की मांग
Mumbai News: आजाद मैदान में मनोज जरांगे पाटिल का अनशन जारी है, वहीं भाजपा विधायक समाधान आवताडे ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की अपील की है।
- Written By: सोनाली चावरे
भाजपा विधायक समाधान आवताडे (pic credit; social media)
Maharashtra News: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण मुद्दे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मुंबई के आजाद मैदान में मनोज जरांगे अपने हजारों समर्थकों के साथ आरक्षण की मांग को लेकर उतरे हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक समाधान आवताडे ने इस मुद्दे पर विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की अपील की।
पंढरपुर-मंगलवेधा से भाजपा विधायक समाधान आवताडे ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा। उन्होंने पत्र के जरिए मराठा आरक्षण मुद्दे पर चर्चा और समाधान के लिए विधानमंडल का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया।
पत्र में कहा गया है कि मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में आजाद मैदान में चल रहे आंदोलन को देखते हुए मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि महाराष्ट्र विधानमंडल का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जाए ताकि मराठा समुदाय को आरक्षण दिया जा सके। आवताडे ने कहा कि आरक्षण की मांग जोर पकड़ रही है और पूरा मराठा समुदाय एक बार फिर जरांगे के अनिश्चितकालीन अनशन के समर्थन में एकजुट हो गया है, जो शुक्रवार सुबह से शुरू हुआ है। वहीं, मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि इस बार की लड़ाई फाइनल लड़ाई है। एक तो सरकार हमें आरक्षण दे या फिर मैं चला जाऊंगा (मर जाऊंगा), दोनों में से एक चीज होनी है, लेकिन इस बार आरक्षण लेकर जाऊंगा, यह तय है।
सम्बंधित ख़बरें
30,000+ डॉग बाइट्स के बाद जागा पुणे प्रशासन, अब कुत्तों के लिए PMC ने 25 लाख रुपए का बनाया नया प्लान
अमरावती: जलजीवन मिशन के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरी 3 साल की मासूम, दर्दनाक मौत से गांव में आक्रोश
मुलुंड डंपिंग की 15 एकड़ जमीन DRP को लीज पर देने का प्रस्ताव अटका: ट्री कमेटी ने 2,710 पेड़ काटने की दी मंजूरी
पिंपरी-चिंचवड़ में बारिश के दौरान सड़कों की खुदाई बनी मुसीबत: अस्थायी पैचवर्क से हादसे
उन्होंने कहा कि हम अपने हक का आरक्षण मांगने आए हैं। अब भाषणबाजी नहीं चलेगी। इससे पहले ओबीसी समाज के नेता लक्ष्मण हाके ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि अगर जरांगे की मांगें मानी गईं, तो ओबीसी समाज भी पूरे राज्य में आंदोलन करेगा। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मनोज जरांगे के मोर्चे को ‘गैरकानूनी और असंवैधानिक’ करार दिया। उन्होंने कहा कि मराठा समाज स्वयं को पिछड़ा वर्ग साबित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, राष्ट्रीय या राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के समक्ष कोई सबूत पेश नहीं कर सका।
हाके ने आरोप लगाया कि राज्य की लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों के सांसद, विधायक और नेता मनोज जरांगे के समर्थन में खड़े हैं, जिससे यह संदेश जा रहा है कि ओबीसी समाज के आरक्षण को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मराठा समाज से ज्यादा ताकत ओबीसी समाज के पास है। उन्होंने दावा किया कि यदि मराठा समाज को आरक्षण दिया गया, तो महाराष्ट्र के ओबीसी समाज के 60 प्रतिशत लोग सड़कों पर उतरेंगे और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे।
(News Source- आईएएनएस)
