किताबों के शौकीन थे डॉ. मनमोहन सिंह, मुंबई के इस बुकस्टोर से था खास लगाव, कुर्ता-पायजामा पहनकर…
देश ने एक दिग्गज राजनेता, अर्थशास्त्री और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को खो दिया। मनमोहन सिंह को किताबों से बहुत लगाव था। मुंबई में एक बुक स्टोर हुआ करती थी, जो उनकी पसंदीदी स्टोर में से एक थी।
- Written By: प्रिया जैस
मनमोहन सिंह (सौजन्य-एएनआई)
मुंबई: गुरुवार देर रात देश ने एक चमकते सितारे को खो दिया। भारत के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री और महान अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। आज डॉ. मनमोहन सिंह के अंत्येष्टी के लिए उनका पार्थिव शरीर निगमबोध घाट के लिए ले जाया जा रहा है।
मनमोहन सिंह को किताबों का बहुत शौक था। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहने के दौरान मनमोहन सिंह महीने में एक या दो बार, मुंबई के फोर्ट इलाके में स्थित फेमस स्ट्रैंड बुक स्टॉल पर जाते थे और वहां आई अपनी पसंद की नई किताबें खरीदते थे। किताब की इस दुकान के कर्मचारियों ने शायद ही कभी सोचा होगा कि यह मृदुभाषी पुस्तक प्रेमी देश का प्रधानमंत्री बनेगा।
कुर्ता-पायजामा पहनकर आते थे
कुछ साल पहले बंद हो चुके बुकस्टोर ‘स्ट्रैंड’ के एक पूर्व कर्मचारी ने डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़ी यादें ताजा कीं। सिंह का गुरुवार रात 92 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स अस्पताल में में निधन हो गया। मनमोहन सिंह 1982 से 1985 के बीच आरबीआई गवर्नर थे। कभी-कभी, वह ‘बंद गला’ सूट या कुर्ता-पायजामा पहनकर पैदल ही किताब की दुकान पर जाते थे।
सम्बंधित ख़बरें
दादर में गूंजी आत्मनिर्भर भारत की गूंज: फडणवीस ने गिनाईं मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियां
पानी बचाने पर मिलेंगे एक्वाक्रेडिट्स: महाराष्ट्र सरकार का क्रांतिकारी वॉटर बैलेंस शीट प्रोजेक्ट
बांद्रा के बाद अब गोरेगांव-मलाड में रेलवे की कार्रवाई; 1500 वर्ग मीटर जमीन से हटाए गए अवैध निर्माण
मुंबई मेट्रो बनी स्मार्ट: APCMS तकनीक शुरू, खराब होने से पहले ही एआई पहचान लेगा तकनीकी खामी
‘स्ट्रैंड’ में बीस साल काम करने वाले टी. जगत ने कहा, “हममें से कई लोगों ने उन्हें उन दिनों दोपहर के भोजन के समय दुकान पर देखा है।” अब ‘किताब खाना’ बुकस्टोर के मुख्य परिचालन अधिकारी जगत पूर्व प्रधानमंत्री सिंह के विनम्र व्यवहार को याद करते हैं।
महान इंसान को खो दिया
जगत ने कहा, “मैं प्रबंधन और साहित्य अनुभाग संभालता था। वह प्रबंधन, वित्त और अर्थव्यवस्था से संबंधित किताबें मांगते थे।” उन्होंने कहा, “कभी-कभी मैं शेल्फ से उनके लिए कोई किताब निकाल लेता था।” जगत ने बताया कि सिंह उन्हें उनके नाम से बुलाते थे। कभी-कभी ‘स्ट्रैंड’ के मालिक टी. एन. शानबाग व्यक्तिगत रूप से उनकी मदद करते थे और नई पुस्तकें दिखाते थे।
जगत ने कहा, “हम दोपहर में उनका इंतजार करते थे क्योंकि हमें पता था कि वह किसी भी दिन आ सकते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत ने एक महान अर्थशास्त्री और एक अच्छे इंसान को खो दिया है। जगत ने कहा, “स्ट्रैंड में अपने कार्यकाल के दौरान मैंने सात से आठ आरबीआई गवर्नर देखे हैं। लेकिन मनमोहन सिंह उनमें से एक बहुत ही अलग व्यक्तित्व के थे।”
डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
उन्होंने कहा, “बहुत महान व्यक्ति, बहुत मृदुभाषी और व्यावहारिक; वह हम सभी के साथ विनम्रता से पेश आते थे।” जगत ने कहा, “कोई भी अन्य राजनीतिक व्यक्ति डॉ. सिंह के कद की बराबरी नहीं कर सकता।”
(एजेंसी इनपुट के साथ)
