

Mangala Express 80 Students Fell Ill: मुंबई, दिल्ली से त्रिशूर लौट रहे स्कूली विद्यार्थियों को ट्रेन में यात्रा के दौरान अचानक उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर खलबली मच गई। खबर मिलते ही मध्य रेल की ओर से तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। बताया गया कि यह घटना 31 अगस्त को ट्रेन संख्या 12618 मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस में हुई। इस ट्रेन में 80 विद्यार्थियों और 10 स्टाफ सदस्यों का समूह यात्रा कर रहा था।
सभी विद्यार्थी होली फैमिली सी.जी.एच.एस. स्कूल, त्रिशूर के थे और दिल्ली के अध्ययन दौरे से वापस लौट रहे थे। यात्रा के दौरान शुरुआत में कुछ विद्यार्थियों में उल्टी और दस्त के लक्षण दिखाई दिए। बाद में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने लगी। स्थिति की जानकारी रेलवे प्रशासन को मिलते ही चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई।
रेलवे ने ट्रेन को खंडवा जंक्शन पर रोका, जहां डॉक्टरों, नर्सों, रेलवे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की टीम पहले से तैयार थी। चिकित्सा दल ने प्रभावित विद्यार्थियों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार दिया। उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। एहतियात के तौर पर रेलवे की चिकित्सा टीम विद्यार्थियों के साथ ट्रेन में आगे की यात्रा पर भी रवाना हुई, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
इसके बाद ट्रेन को बुरहानपुर स्टेशन पर भी रोका गया। यहां विद्यार्थियों को अतिरिक्त चिकित्सा सहायता दी गई। रेलवे की ओर से विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार भोजन की व्यवस्था की गई, जिसमें चावल, दही और अचार शामिल थे। इसके अलावा केले भी उपलब्ध कराए गए। कमजोरी महसूस कर रहे विद्यार्थियों को चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार ड्रिप भी चढ़ाई गई। डॉक्टरों और नर्सों की टीम ने विद्यार्थियों की स्थिति की लगातार निगरानी करते हुए त्रिशूर पहुंचने तक उनके साथ रहकर चिकित्सा देखभाल जारी रखी। रेलवे के इस त्वरित हस्तक्षेप से आपात स्थिति के दौरान विद्यार्थियों को समय पर उपचार और आवश्यक सहायता मिल सकी।
स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने कठिन परिस्थिति में सहयोग के लिए भारतीय रेल, रेलवे अधिकारियों, डॉक्टरों, नर्सों, पुलिसकर्मियों और अन्य सहायता करने वाले लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों और चिकित्सा दल की त्वरित कार्रवाई, सतर्कता, समन्वय और संवेदनशीलता की विशेष रूप से सराहना की।