मंत्री माधुरी मिसाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Malad Land Tender Irregularities Probe: महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को मुंबई के मालाड इलाके में आवास परियोजना प्रभावित लोगों से संबंधित परियोजना के लिए भूमि निविदा प्रक्रिया में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की जांच के आदेश दिये और यह भी निर्देश दिया कि जांच पूरी होने तक कोई और कार्रवाई न की जाए।
शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने विधानसभा को बताया कि इस मामले की जांच एक अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा की जाएगी और इस संबंध में मनपा को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
यह मुद्दा कांग्रेस सदस्य असलम शेख द्वारा ध्यानाकर्षण नोटिस के माध्यम से उठाया गया था, जिसमें योगेश सागर और एम पटेल (दोनों भाजपा विधायक) सहित विभिन्न सदस्यों द्वारा पूरक प्रश्न पूछे गए थे। सदस्यों ने आरोप लगाया कि भूमि आवंटन मामले में डेवलपर को हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) और देय राशि से कहीं अधिक प्रीमियम प्रदान किया गया था, जिससे संभावित भ्रष्टाचार की आशंकाएं बढ़ गईं।
मंत्री माधुरी मिसाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परियोजना का कार्यान्वयन ‘विकास योजना 2034’ और लागू नियमों के अनुसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार, 40 प्रतिशत भूमि पुलिस आवास के लिए निर्धारित की गई है।
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जबकि शेष 60 प्रतिशत भूमि परियोजना प्रभावित व्यक्तियों के आवास के लिए आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि संशोधित लागत पंजीकरण महानिरीक्षक द्वारा स्वीकृत अद्यतन मूल्यांकन के आधार पर तय की गई है, उन्होंने कहा कि उचित प्रक्रिया का पालन किया गया और निविदा प्रक्रिया पारदर्शी थी।