

Sanjay Raut On Mahesh Kothare Statement: दिवाली पहाट के एक कार्यक्रम में दिग्गज मराठी अभिनेता महेश कोठारे ने सार्वजनिक रूप से पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उनके 'भक्त' वाले बयान पर अब शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने पलटवार करते हुए तीखी टिप्पणी की है।
मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता महेश कोठारे (Mahesh Kothare) इस समय सुर्खियों में हैं क्योंकि उन्होंने हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की खुलकर प्रशंसा की है। उनकी यह टिप्पणी पूरे सिनेमा और राजनीतिक जगत में चर्चा का विषय बन गई है, और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
यह घटना दिवाली पहाट 2025 के दौरान हुई, जिसका आयोजन बोरीवली में प्रवीण दरेकर द्वारा किया गया था और जहां महेश कोठारे बतौर अतिथि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान महेश कोठारे ने कहा कि मैं मोदीजी का भक्त हूं, मैं भाजपा का भक्त हूं। उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की कि मुंबई में कमल जरूर खिलेगा। महेश कोठारे चुनाव के दौरान दिए गए अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि जब वह पीयूष गोयल के प्रचार के लिए आए थे, तो उन्होंने कहा था कि वे सिर्फ एक सांसद नहीं, बल्कि एक मंत्री चुन रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस विभाग से अब पार्षद नहीं, बल्कि महापौर चुना जाएगा।
महेश कोठारे के इस बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी। संजय राउत ने तंज कसते हुए पूछा कि महेश कोठारे निश्चित रूप से मराठी ही हैं ना? मुझे संदेह है।
राउत ने आगे कहा कि हर किसी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन आप एक कलाकार हैं और आपकी फिल्में केवल भाजपा के लोगों ने ही नहीं देखी हैं।
इसके बाद, संजय राउत ने मजाकिया अंदाज में महेश कोठारे की मशहूर हॉरर-कॉमेडी फिल्म झपाटलेला (Zapatlela) के एक पात्र का जिक्र करते हुए चेतावनी भी दी। राउत ने कहा कि अगर आपने ऐसा कुछ कहा है तो आपको तात्या बिच्छू (तात्या विंचू) काट लेगा। वह रात में आकर आपका गला दबाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब कोठारे ने सत्ताधारी नेताओं की प्रशंसा की है। इससे पहले, अंबरनाथ में धर्मवीर आनंद दिघे नाट्यमंदिर के लोकार्पण समारोह में भी उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे के काम की सराहना की थी।
उन्होंने श्रीकांत शिंदे से 'झपाटलेला' (जुनूनी) बने रहने और एकनाथ शिंदे के 'धड़ाकेबाज' (दमदार) तरीके से काम करने की प्रशंसा की थी, साथ ही यह उम्मीद भी जताई थी कि वे कलाकारों के लिए बहुत कुछ करेंगे।