महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट (AI Generated Image)
Maharashtra Weather IMD Alert: महाराष्ट्र में इस समय गर्मी के मौसम के बीच हो रही बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई जगह कटाई के लिए तैयार फसलें और फल बागान तबाह हो गए हैं। एक तरफ खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के कारण महंगाई की मार है, वहीं दूसरी ओर इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 48 घंटों के लिए राज्य में बेमौसम बारिश का विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के 16 जिलों में येलो अलर्ट जारी है। उत्तर महाराष्ट्र के नाशिक, जलगांव, नंदुरबार, धुलिया और अहिल्यानगर में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। मराठवाड़ा के सभी जिलों में भी तेज हवाओं (30-50 किमी/घंटा) के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। विदर्भ के अकोला, अमरावती, चंद्रपुर, गड़चिरौली, वाशिम और यवतमाल में भी यही स्थिति बनी रहेगी।
भंडारा जिले में रात के समय कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई, कहीं तेज तो कहीं मध्यम बारिश दर्ज की गई। पिछले दो दिनों की बारिश से मक्का, सब्जी और आम उत्पादक किसान मुश्किल में आ गए हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
नागपुर समेत विदर्भ के अन्य जिलों में भी बारिश हुई। इनमें अकोला, अमरावती, गड़चिरोली, वाशिम और यवतमाल शामिल हैं। मौसम विभाग से मिले संकेतों के अनुसार 5 और 6 अप्रैल को भी नागपुर में बारिश हो सकती है। इसके अलावा विदर्भ के अन्य जिलों में भी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने यह भी संभावना जताई कि अगले 5 दिनों तक नागपुर समेत विदर्भ के अधिकतर जिलों के तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।
नंदुरबार जिले में बीते दो दिनों की बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। जिले के 62 गांवों के 954 किसान प्रभावित हुए हैं, जबकि 832 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है। प्याज, मक्का, ज्वार, बाजरा, गेहूं, केला, पपीता और आम की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। प्रशासन द्वारा नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट सरकार को भेजी जा रही है। किसानों ने जल्द मुआवजे की मांग की है।
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लगातार हो रही बेमौसम बारिश (Maharashtra Weather) से द्राक्ष, आम, अनार, गेहूं और मक्का जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। आम और अनार के फूल झड़ने से बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। बार-बार बदलते मौसम से खेती की योजना बिगड़ गई है और किसानों में चिंता का माहौल है।
सांगली जिले के जत तहसील में ओलावृष्टि और तेज बारिश से मक्का, अनार और प्याज की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई जगह फसल पूरी तरह बर्बाद होने की स्थिति में है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिर गए और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विधायक गोपीचंद पडलकर ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों को राहत दिलाने की मांग की है।