

Maharashtra Weather Today: महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से मानसून की गतिविधियों में आई कमी के बाद अब एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज के लिए राज्य के 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में मेघगर्जना, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है।
विदर्भ क्षेत्र, जो पिछले कुछ दिनों से शुष्क मौसम का सामना कर रहा था, वहां 18 जुलाई से मानसून के फिर से सक्रिय होने का अनुमान है। नागपुर, अमरावती, यवतमाल, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गडचिरोली जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की वापसी होगी, जिससे पिछले दिनों बढ़े हुए तापमान और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि विदर्भ के कई जिलों जैसे गढ़चिरौली और भंडारा में अब तक बारिश की काफी कमी दर्ज की गई है।
मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी शनिवार को मौसम खराब रहने की संभावना है। छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), जालना, परभणी, बीड, हिंगोली, नांदेड, लातूर और धाराशिव में बिजली कड़कने और सोसाटे की हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे, सातारा, सोलापूर और अहिल्यानगर जिलों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आज सुबह से ही हल्की बारिश के साथ दिन की शुरुआत होने का अनुमान है। मुंबई और उपनगरों में दिन भर बादल छाए रहेंगे और शाम के समय बारिश का जोर बढ़ सकता है। शहर का अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने की संभावना है। बारिश की संभावना 95% से 100% तक बताई गई है।
पुणे शहर और आसपास के इलाकों में आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। दोपहर या शाम के समय हल्की से बहुत हल्की बारिश हो सकती है। कोंकण क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। नासिक सहित उत्तर मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट स्थानों पर बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और लोहे की वस्तुओं से दूर रहें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे बिजली की गर्जना के दौरान खेतों में काम करने से बचें।
IMD के मासिक पूर्वानुमान के अनुसार, हालांकि जुलाई में महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना है, लेकिन कोंकण और पूर्वी विदर्भ के कुछ इलाकों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हो सकती है।