

Maharashtra Weather Update Heatwave Pre Monsoon Rain: महाराष्ट्र में जलती हुई गर्मी और गरजते बादलों के बीच चल रही रस्साकशी ने मौसम विभाग (IMD) को भी चिंता में डाल दिया है। एक ओर विदर्भ के जिलों, अमरावती, अकोला, यवतमाल और वर्धा में प्रचंड लू के कारण 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, जहां भंडारा सहित अधिकांश इलाकों में लोग लगातार चौथे दिन भी दोपहर के समय घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। दूसरी ओर, कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में आसमान में काले बादलों का डेरा है और तेज हवाओं के साथ बारिश की बौछारें पड़ रही हैं।
जलवायु परिवर्तन के इस अजीब व्यवहार का सबसे दर्दनाक असर विदर्भ के यवतमाल में देखने को मिला, जहां दिग्रस इलाके में भीषण धूप की चपेट में आने से तीन राहगीरों ने दम तोड़ दिया। इनमें से एक मृतक की पहचान आनंद राजू वाडवे के रूप में हुई है, जबकि अन्य दो की शिनाख्त की कोशिशें जारी हैं। विदर्भ के चंद्रपुर (46.2°C) और अमरावती (45.4°C) में भी हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हीट-स्ट्रोक वार्डों को पूरी तरह अलर्ट पर रख दिया है।विदर्भ का ब्रह्मपुरी शहर शनिवार को 47.1°C के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रिकॉर्ड किया गया।
चिलचिलाती गर्मी के उलट रत्नागिरी, राजापुर, लांजा और संगमेश्वर जैसे तटीय इलाकों में मानसून पूर्व (Pre-Monsoon) बारिश की जोरदार एंट्री हुई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक कोंकण के रायगढ़, सिंधुदुर्ग और सिंधुदुर्ग के साथ-साथ पुणे, सतारा और कोल्हापुर के पहाड़ी घाट क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और तेज आंधी के साथ भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इन इलाकों में तापमान में अचानक गिरावट तो आई है, लेकिन उमस ने लोगों को परेशान कर रखा है।
इस बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान ने मराठवाड़ा के जालना जिले में किसानों की कमर तोड़ दी है। परतूर तालुका के फुलवाड़ी शिवर इलाके से आई एक बेहद दुखद खबर के मुताबिक, महिला किसान यशोदा अब्दल का डेढ़ एकड़ में फैला लहलहाता केले का बाग पूरी तरह तबाह हो गया है। तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए, छतों पर लगे सौर पैनल (Solar Panels) टूट गए और कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से बेजुबान पशुधन की भी मौत हो गई।
वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. कैलाश डाखोरे ने बताया कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति काफी अच्छी है और यह महाराष्ट्र में सामान्य से कुछ दिन पहले दस्तक दे सकता है। उन्होंने बताया कि 29 मई से प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां पूरे राज्य में और तेज होंगी। हालांकि, उन्होंने किसानों को एक महत्वपूर्ण तकनीकी सलाह देते हुए कहा है कि वे केवल पहली या दूसरी बारिश को देखकर जल्दबाजी में खरीफ फसलों की बुवाई न करें; जब तक जमीन में कम से कम 75 से 100 मिमी तक नमी न हो जाए, तब तक इंतजार करें।