

Maharashtra 2.7 Lakh Voters Age Discrepancy: महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में 100 वर्ष से अधिक उम्र के 2.7 लाख मतदाताओं के नाम दर्ज होने के दावे पर चुनाव आयोग ने स्पष्टीकरण दिया है।
आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के अनुरोध पर आयोग की टीम ने इन मतदाताओं की उम्र से संबंधित समस्याओं का निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान कर दिया था।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि उम्र संबंधी गड़बड़ियों को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि समाप्त होने से पहले ही दूर कर लिया गया था। इससे मतदाताओं को उम्र में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरने की जरूरत नहीं पड़ी।
दरअसल, महाराष्ट्र की SIR मतदाता सूची में 100 वर्ष से अधिक उम्र के 2.7 लाख मतदाताओं के नाम होने को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस संबंध में दावा किया गया था कि चुनाव आयोग को इन विसंगतियों को दूर करने में एक महीने का समय लगा।
इसके जवाब में आयोग ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य के सीईओ के अनुरोध पर उसकी टीम ने समय रहते उम्र से संबंधित मामलों का निपटारा कर दिया था। आयोग के मुताबिक, यह प्रक्रिया दावे और आपत्तियों की अवधि समाप्त होने से पहले पूरी कर ली गई थी।
इस तरह, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि उम्र संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए मतदाताओं को अलग से फॉर्म-8 के माध्यम से सुधार का आवेदन देने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
बता दें कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं का वेरिफिकेशन, मृत, डुप्लीकेट, या दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके वोटरों के नाम हटाए गए हैं। इसके तहत नए योग्य वोटरों के नाम जोड़े भी गए हैं। वहीं, विपक्ष आरोप लगा रहा है कि इसमें नाम गलत तरीके से काटे जा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग कह रहा है कि ये निष्पक्ष और नियमित प्रक्रिया है। इसे लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन भी जारी है।