यूपी-बिहार के लिए विशेष ट्रेन (फाइल फोटो)
Konkan Railway Issues: भारत में भारतीय रेल ने वर्षों से देशभर में यात्रियों को सुलभ और किफायती यात्रा सुविधा प्रदान की है लेकिन हाल के फैसलों को लेकर अब महाराष्ट्र में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है। यात्रियों का आरोप है कि रेल सेवाओं का अधिक झुकाव उत्तर भारत की ओर किया जा रहा है, जबकि महाराष्ट्र की उपेक्षा हो रही है।
रेलवे के ‘जीरो बेस्ड टाइमटेबल’ नीति के तहत महाराष्ट्र की कई अहम ट्रेनें बंद कर दी गई हैं, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग आंशिक रूप से रद्द किए गए हैं। राज्य के भीतर चलने वाली ट्रेनों को कम किया गया है, वहीं मुंबई से उत्तर भारत के लिए नहीं और अधिक ट्रेनों की शुरुआत की जा रही है।
रेल प्रशासन ने होली और गर्मी के सीजन को देखते हुए उत्तर भारत के लिए विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाई है। सीएसएमटी-मडगांव, एलटीटी-मडगांव ट्रेनें अबा साप्ताहिक कर दी गई हैं, वहीं सीएसएमटी-गोरखपुर, एलटीटी-दानापुर ट्रेनें रोजाना चलाई जा रही हैं, दादर-गोरखपुर सप्ताह में 4 दिन और दादर-बलिया सप्ताह में 3 दिन कर दी गई है।
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कोकण के यात्रियों को सबसे बड़ा झटका लगा है। 2020 से पहले चलने वाली दादर-रत्नागिरी पैसेंजर, जो हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा थी। उसे फिर से शुरू करने की मांग को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बजाय दादर-गोरखपुर ट्रेन को स्थायी रूप से शुरू कर दिया गया।
महाराष्ट्र के कोंकण, मराठवाड़ा, पश्चिम महाराष्ट्र, उत्तर महाराष्ट्र और विदर्भ क्षेत्रों को जोड़ने वाली राज्यांतर्गत ट्रेनें आम लोगों के लिए बेहद जरूरी हैं। शिक्षा, रोजगार, व्यापार और धार्मिक यात्रा के लिए इन ट्रेनों का खास महत्व है, ऐसे में इन सेवाओं को बंद या कम किए जाने से यात्रियों में भारी नाराजगी है।