

100 New Ambulances At Highway Black Spots: महाराष्ट्र में हाईवे और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर सड़क हादसों के घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए 100 नई एम्बुलेंस तैनात करने की तैयारी है।
परिवहन विभाग का लक्ष्य हादसे के बाद महत्वपूर्ण गोल्डन आवर के दौरान घायलों तक जल्द पहुंचना और उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद नजदीकी अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचाना है।
इसके लिए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग सहित प्रमुख हाईवे और दूरदराज के संवेदनशील इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी। गंभीर घायलों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा कोष से खरीदी जाने वाली नई एम्बुलेंस दुर्घटनास्थल पर जल्द पहुंचकर घायलों को प्राथमिक इलाज उपलब्ध कराएंगी। मौके पर ही घायलों की स्थिति स्थिर करने के लिए जरूरी चिकित्सा सहायता दी जाएगी।
इसके बाद गंभीर या अन्य घायल मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार नजदीकी अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया जाएगा। एम्बुलेंस की तैनाती के लिए ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सड़क हादसों की संख्या अधिक रहती है या दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों, संभावित प्रतिक्रिया समय और आसपास उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की दूरी का भी आकलन किया जाएगा। इसका उद्देश्य हादसे के बाद मदद पहुंचने में लगने वाले समय को कम करना और घायलों को गोल्डन ऑवर में जरूरी इलाज उपलब्ध कराना है।
गंभीर रूप से घायल मरीजों को कम समय में अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचाने के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। इस व्यवस्था को लागू करने से पहले इसकी व्यवहारिकता और आवश्यक संसाधनों का आकलन किया जाएगा।
इसके लिए व्यवहार्यता अध्ययन कराने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की योजना है।अध्ययन के आधार पर सेवा की जरूरत, संभावित स्थान, संचालन व्यवस्था और लागत जैसे पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने को लेकर आगे का निर्णय लिया जा सकता है।
महाराष्ट्र राज्य इसके अलावा बढ़ती ईंधन, रखरखाव, उपकरण और कर्मचारियों की लागत को देखते हुए 2020 में तय एम्बुलेंस किराया संरचना में संशोधन की भी तैयारी है। इस पर जल्द फैसला लिया जा सकता है।