Maharashtra में स्वदेशी नीति को बढ़ावा, सरकारी कार्यों में भारतीय कंपनियों को प्राथमिकता

Maharashtra Government ने स्वदेशी नीति को लागू करते हुए सरकारी कार्यों में भारतीय सलाहकार कंपनियों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। साथ ही कौशल विकास केंद्रों का विस्तार भी किया जा रहा है।
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मंगल प्रभात लोढ़ा (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Swadeshi Policy Skill: महाराष्ट्र सरकार ने स्वदेशी नीति को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के अनुसार अब सरकारी कार्यों में विदेशी कंपनियों के बजाय भारतीय सलाहकार कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

कौशल्य, रोजगार, उद्योजकता और नवाचार विभाग इस नीति को लागू करने वाला राज्य का पहला विभाग बन गया है। इस पहल के लिए कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

Maharashtra में ‘वोकल फॉर लोकल’ को बल

मंत्री लोढ़ा ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन को मजबूत करेगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय संस्थाओं को सरकारी कार्यों में अधिक अवसर मिलेंगे।

फुले जयंती पर विशेष पहल

ज्योतिराव फुले की द्विशताब्दी जयंती के अवसर पर विभाग ने आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में कौशल विकास को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।

कौशल विकास केंद्रों का विस्तार

इसके तहत नियमों में ढील देते हुए केवल 300 वर्ग फीट क्षेत्र में ‘महात्मा ज्योतिबा फुले कौशल विकास केंद्र’ स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर

नई नीति के माध्यम से न केवल भारतीय कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को सरकारी परियोजनाओं में भागीदारी का मौका भी मिलेगा। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

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