Dharavi में मामूली विवाद बना खतरनाक हमला, धारावी में असामाजिक तत्वों का आतंक

Dharavi Gang Attack: मुंबई के धारावी में मामूली कहासुनी के बाद हिंसक झड़प हो गई।बुजुर्ग दंपति समेत कई लोग घायल हुए। स्थानीय लोगों ने असामाजिक तत्वों के बढ़ते आतंक और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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नवी मुंबई एजुसिटी प्रोजेक्ट अपडेट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Dharavi Violence Elderly Attack: पिछले सोमवार को धारावी के एमएल वाडी इलाके में मेडिकल शॉप पर दवा लेने के लिए की गई एक सामान्य सी यात्रा, एक भयानक रात में बदल गई। यहां एक हिंसक भीड़ के हमले में कई लोग घायल हो गए और इलाके के लोग दहशत में आ गए।

रात करीब 10 बजे एक बुजुर्ग युगल पास के एक क्लिनिक से दवा लेने के लिए बाहर निकला। लेकिन किसी बात पर युवाओं के एक समूह के साथ उनकी कहासुनी हुई और कुछ ही मिनटों में तनाव बढ़ गया और भीड़ जमा हो गई, जिससे सड़क किनारे की यह मामूली बहस एक बड़ी हिंसक झड़प में बदल गई।

अवैध कामों में लिप्त असामाजिक तत्व

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थिति तब और भी ज्यादा खतरनाक हो गई, जब हथियारबंद युवाओं के एक समूह ने उस बुजुर्ग जोड़े और उनके समुदाय के अन्य लोगों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घायलों को तुरंत सायन अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि हमलावर उस समूह का हिस्सा हैं, जो इस इलाके में अक्सर आवारागर्दी करता है और कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे अवैध कामों में लिप्त रहते हैं। अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर एक स्थानीय निवासी ने बताया कि ये लोग बेखौफ होकर घूमते हैं।

Dharavi की तंग गलियां पुलिस के लिए बाधक

विशेषज्ञों का कहना है कि धारावी का सधन ढांचा और तंग गलियां अक्सर सुरक्षा एजेंसियों के लिए तेजी से कार्रवाई करना मुश्किल बना देती है, जिससे अपराधियों को बढ़त मिल जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हम इन अपराधियों और उनकी धमकियों से तंग आ चुके हैं, जिनकी वजह से हमें डर के साए में जीना पड़ता है।

जब तक धारावी का पूरी तरह से पुनर्विकास नहीं हो जाता, तब तक इन असामाजिक तत्वों से छुटकारा पाना नामुमकिन है। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद, ये असामाजिक तत्व झुग्गियों की भूलभुलैया में कहीं गायब हो जाते हैं और कुछ दिन बाद फिर सक्रिय हो जाते हैं।

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