Kolhapur Protest के बाद बदली शक्तिपीठ हाइवे की रूपरेखा, 13 जिलों से गुजरेगा नया रूट

Maharashtra के शक्तिपीठ हाइवे प्रोजेक्ट में कोल्हापुर के विरोध के बाद बड़ा बदलाव किया गया है। नए रूट में सातारा जिला शामिल किया गया है, जिससे परियोजना की लागत बढ़कर 1.01 लाख करोड़ रुपये हो गई है।
Shaktipeeth Highway
शक्तिपीठ हाईवे (सौ. सोशल मीडिया )
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Shaktipeeth Highway Project: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी शक्तिपीठ हाइवे परियोजना को कोल्हापुर जिले में हुए भारी विरोध के बाद संशोधित किया गया है।

राज्य सरकार और महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमएसआरडीसी) ने स्थानीय आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए हाइवे के प्रस्तावित रूट में कई बदलाव किए हैं।

परियोजना के नए रूट में सातारा जिले को भी शामिल किया गया है। पहले यह हाइवे 12 जिलों से होकर गुजरने वाला था, लेकिन संशोधित योजना के अनुसार अब यह 13 जिलों को जोड़ेगा। सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, धाराशिव और नांदेड़ जिलों में भी मार्ग में बदलाव किए गए हैं।

लागत में 15 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी

रूट में बदलाव और नए जिले के जुड़ने से परियोजना की लागत में बड़ा इजाफा हुआ है। पहले अनुमानित लागत 86 हजार करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 1 लाख 1 हजार करोड़ रुपये हो गई है। सरकार का मानना है कि संशोधित योजना से स्थानीय समस्याओं का समाधान होगा और परियोजना को स्वीकार्यता मिलेगी।

भूमि अधिग्रहण विवाद का समाधान

कोल्हापुर में कागल और हाथकणंगले तहसीलों में भूमि अधिग्रहण को लेकर तीव्र विरोध हुआ था। इस विवाद को देखते हुए एमएसआरडीसी ने इन क्षेत्रों के बड़े हिस्से को हाइवे के रूट से बाहर रखने का निर्णय लिया है। इससे प्रभावित किसानों और स्थानीय नागरिकों की चिंताओं को कम करने का प्रयास किया गया है।

चुनाव से पहले दिया गया था बदलाव का आश्वासन

2024 विधानसभा चुनावों से पहले राज्य सरकार ने परियोजना की रूपरेखा में बदलाव का आश्वासन दिया था। अब संशोधित रूट के साथ परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि नए रूट से धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिलेगा।

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