Baramati में अजित पवार स्मारक बनाने की घोषणा के बाद सियासी-पारिवारिक हलचल, पार्थ-जय ने मांगी अनुमति

Ajit Pawar के निधन के बाद बारामती में स्मारक बनाने की घोषणा ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। विद्या प्रतिष्ठान परिसर में मेमोरियल को लेकर शरद पवार की आपत्ति के बाद परिवार में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
Sharad pawar
शरद पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ajit Pawar Memorial: पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनके परिजनों ने बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान परिसर में स्मारक बनाने का ऐलान किया है।

यही वह स्थान है जहां दिवंगत नेता का अंतिम संस्कार किया गया था। इस घोषणा के बाद राजनीतिक और पारिवारिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार ने स्मारक निर्माण को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि वे विद्या प्रतिष्ठान के अध्यक्ष हैं और इस परिसर में कोई भी स्मारक बनाने से पहले औपचारिक अनुमति लेना जरूरी था। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना अनुमति स्मारक निर्माण का निर्णय कैसे लिया गया।

परिवार में बढ़ी हलचल

मेमोरियल की घोषणा के बाद पवार परिवार के भीतर मतभेद की खबरें सामने आई हैं। हालांकि परिवार की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर चर्चाओं और बैठकों का दौर जारी है।

पार्थ और जय पवार की शरद पवार से मुलाकात

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजित पवार के बेटे पार्थ और जय पवार ने बारामती में परिवार के मुखिया शरद पवार से मुलाकात की। उन्होंने विद्या प्रतिष्ठान परिसर में स्मारक निर्माण के लिए औपचारिक अनुमति देने का अनुरोध किया। यह बैठक विद्या प्रतिष्ठान के परिसर में हुई और लगभग डेढ़ घंटे तक चली।

आगे की प्रक्रिया पर नजर

सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान स्मारक निर्माण से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हुई। फिलहाल अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों की नजर अब इस बात पर है कि स्मारक को लेकर परिवार और संस्था के बीच सहमति कब बनती है।

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