Maharashtra School Monsoon Safety: स्कूलों के लिए सख्त निर्देश, मानसून से पहले और बाद में निरीक्षण अनिवार्य
Maharashtra School Monsoon Safety News: महाराष्ट्र सरकार ने छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए सभी स्कूलों में मानसून पूर्व और बाद निरीक्षण अनिवार्य किया है। मरम्मत पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र स्कूल मानसून सुरक्षा दिशानिर्देश (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra School Monsoon Safety Guideline: डॉ. पंकज भोयर ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी सरकारी और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के स्कूलों में मानसून पूर्व और मानसून बाद निरीक्षण अनिवार्य कर दिया है।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश शुरू होने से पहले स्कूल भवनों की विस्तृत जांच की जाए। दीवारों में दरारें, कमजोर छत, टूटे प्लास्टर और जर्जर इमारतों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करनी होगी, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
जलभराव और स्वच्छता पर फोकस
कक्षाओं में पानी न घुसे, इसके लिए खिड़की, दरवाजे और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
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रिपोर्ट देना होगा अनिवार्य
सभी स्कूलों को निरीक्षण की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को देना अनिवार्य किया गया है। सरकार ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मिड-डे मील और शौचालय की जांच
स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने वाले रसोईघरों की स्वच्छता और सुरक्षा की जांच भी अनिवार्य की गई है। गैस कनेक्शन, धुआं निकासी और ईंधन भंडारण की स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। शौचालयों में साफ-सफाई और पानी की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बिजली और पर्यावरणीय खतरे
स्कूल परिसरों में बिजली व्यवस्था की जांच कर खुली वायरिंग और खराब उपकरणों को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खतरनाक पेड़ों की छंटाई और जलभराव रोकने के उपाय भी किए जाएंगे।
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वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश
भारी बारिश के दौरान जर्जर इमारतों का उपयोग बंद करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने साफ किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
